
खगड़िया/परबत्ता प्रखंड क्षेत्र में जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) पर्व के अवसर पर अगुवानी गंगा घाट समेत विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान अंचल अधिकारी, परबत्ता के निर्देश पर प्रतिनियुक्त आपदा मित्रों ने पूरी तत्परता और सूझबूझ के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाली। घाटों पर महिलाओं, बच्चों और अन्य श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आपदा मित्र लगातार निगरानी करते रहे।
आपदा मित्रों ने घाटों पर श्रद्धालुओं को पानी के किनारे सावधानी बरतने के लिए सतर्क किया तथा किसी भी संभावित जोखिम पर नजर बनाए रखी। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उनकी सक्रिय मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली। उनकी सजगता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता से पर्व के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने में प्रशासन को सहयोग मिला।
प्रशासनिक व्यवस्था और आपदा मित्रों की सतर्कता के चलते पर्व के दौरान किसी भी घाट पर अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में आपदा मित्रों की भूमिका की सराहना की गई।
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था में ऋषि कुमार, सूरज, सुरेश, नवजीत, रितेश, करण, नारायण, अमृत, रामकुमार, श्रवण, ब्रजेश, रामरूप, अमरेश और राजा सहित आपदा मित्रों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनकी मुस्तैदी ने जिउतिया पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।









