
छात्र-छात्राओं को भगत सिंह के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति से कराया गया परिचय
दैनिक बिहार पत्रिका। परबत्ता (खगड़िया)। परबत्ता प्रखंड के मध्य विद्यालय सौढ़ भरतखण्ड में शहीद भगत सिंह की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक संजय कुमार पासवान ने की, जबकि मंच संचालन शिक्षक सिद्धार्थ कुमार ने किया। इस दौरान शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने भगत सिंह के जीवन, उनके विचारों और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदान को याद किया।

प्रधानाध्यापक संजय कुमार पासवान ने कहा कि भगत सिंह केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि अच्छे वक्ता, पाठक और लेखक भी थे। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने ब्रिटिश हुकूमत का बुलंद आवाज में विरोध किया और देश की स्वतंत्रता तथा सुनहरे भविष्य के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जीवन युवाओं के लिए साहस, देशभक्ति और त्याग की प्रेरणा देता है।
शिक्षक सिद्धार्थ कुमार ने भगत सिंह के व्यक्तित्व और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि देशप्रेम की वह भावना हैं जो आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने भगत सिंह के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों की जानकारी छात्र-छात्राओं को दी।
उन्होंने बताया कि सरदार भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को तत्कालीन पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो वर्तमान में पाकिस्तान के फैसलाबाद क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि भगत सिंह एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी होने के साथ विचारक, लेखक, पत्रकार और चिंतक भी थे। उनके पिता किशन सिंह और चाचा अजीत सिंह स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे।
शिक्षक सिद्धार्थ कुमार ने भगत सिंह के प्रारंभिक जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि करीब 12 वर्ष की उम्र में जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला। इसके बाद देश की स्वतंत्रता के प्रति उनकी भावना और मजबूत हुई। उन्होंने भगत सिंह के जीवन से जुड़े विभिन्न विचारों और प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके संघर्ष और व्यक्तित्व से परिचित कराया।
कार्यक्रम के दौरान भगत सिंह के प्रसिद्ध नारे ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं को देश के प्रति जिम्मेदारी, साहस और त्याग की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
मौके पर प्रधानाध्यापक संजय कुमार पासवान, शिक्षक सिद्धार्थ कुमार, रामलाल पंडित, रामविनोद साह, मीनाक्षी कुमारी, उत्कर्ष कुमार, सार्थक कुमार, प्रियांशु कुमार, निक्की कुमारी, आराधना कुमारी, शिवानी कुमारी, साक्षी कुमारी, अंजली कुमारी, महक कुमारी, राजनंदनी कुमारी, संध्या कुमारी, सोनम कुमारी, बन्दों कुमारी, शिवानी कुमारी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।






