
10वीं का फॉर्म समय पर भराने, एनडीए की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश; संगीत प्रशिक्षण और व्यावसायिक कौशल विकास की भी होगी व्यवस्था
दैनिक बिहार पत्रिका। खगड़िया। जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में जिला निरीक्षण समिति द्वारा मंगलवार को पर्यवेक्षण गृह (ऑब्जर्वेशन होम), खगड़िया का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और रुचियों के बारे में जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने बच्चों की दैनिक दिनचर्या, शैक्षणिक गतिविधियों, पठन-पाठन, अभिभावकों से मुलाकात की व्यवस्था तथा भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बच्चों को बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

पढ़ाई में रुचि रखने वाले बच्चों की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उनकी पसंद और जरूरत के अनुरूप किताबें एवं अन्य पठन सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस संबंध में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिन बच्चों की 10वीं की परीक्षा शेष है, उनका समय पर परीक्षा फॉर्म भरवाने का निर्देश पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक को दिया गया। वहीं, बच्चों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रति रुचि को देखते हुए एनडीए की तैयारी के लिए आवश्यक पुस्तकें एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
निरीक्षण के दौरान बच्चों की रुचियों और प्रतिभाओं की भी जानकारी ली गई। जिन बच्चों को वाद्य यंत्र बजाने का ज्ञान अथवा रुचि है, उन्हें अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पर्यवेक्षण गृह में बच्चों के लिए संगीत प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बच्चों को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट ऑफिसर के माध्यम से बच्चों की रुचि एवं क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा इसके लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उनके लिए कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को विकसित करने तथा भविष्य में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई एवं पर्यवेक्षण गृह से संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।








