
खगड़िया। जिले में आई बाढ़ के कारण उत्पन्न संकट के बीच खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने मानवीय पहल करते हुए अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है।विधायक ने कहा कि आपदा और संकट की इस घड़ी में सरकार को सशक्त बनाने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हरसंभव सहयोग करना जनप्रतिनिधि का दायित्व है।
विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच हमेशा से आपदा और संकट की परिस्थितियों में सरकार एवं समाज को मजबूत बनाने की रही है।उनकी प्रेरणा से उन्होंने अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है।उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए सरकार के राहत प्रयासों को और मजबूती प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि हाल में खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर रही।रहीमपुर दक्षिणी, रहीमपुर उत्तर और रहीमपुर मध्य पंचायत के साथ-साथ मानसी प्रखंड के मटिहानी, जालिमबाबू टोला और पूर्वी ठाठा के चैधा बांध का टोला बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हुए।बाढ़ के पानी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित होना पड़ा।
विधायक ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में सबसे अधिक परेशानी गरीब, मजदूर,किसान,बुजुर्ग,महिला और बच्चों को होती है।ऐसे समय में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करना और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाना बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
राहत कार्यों को और मजबूती देने की जरूरत
बबलू कुमार मंडल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और सरकार द्वारा राहत एवं बचाव कार्य किए गए।प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम भी किया गया।उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।
विधायक ने कहा कि उनका एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं,बल्कि बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना से लिया गया है।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और समाज के सक्षम लोगों को भी आपदा की घड़ी में आगे आकर प्रभावित परिवारों की मदद करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि बाढ़ का प्रभाव समाप्त होने के बाद भी प्रभावित लोगों की समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं होतीं।घर,खेती, पशुधन,रोजगार और दैनिक जरूरतों से जुड़े नुकसान की भरपाई में समय लगता है। इसलिए राहत के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास एवं आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर भी ध्यान देना जरूरी है।
विधायक ने कहा कि खगड़िया विधानसभा क्षेत्र की जनता के साथ वे हर परिस्थिति में खड़े हैं।बाढ़ हो या कोई अन्य आपदा,लोगों की समस्या को अपनी समस्या समझकर उसके समाधान के लिए प्रशासन और सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास किया जाएगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया जाने वाला एक महीने का वेतन बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावित लोगों के राहत प्रयासों में योगदान का माध्यम है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सामूहिक सहयोग से प्रभावित परिवारों को संकट से उबरने में मदद मिलेगी और जल्द ही सामान्य जनजीवन बहाल हो सकेगा।








