खगड़िया/परबत्ता प्रखंड अंतर्गत नयागांव सतखुट्टी स्थित मां दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां विराजमान मां दुर्गा को ‘स्वर्ण देवी’ के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होने पर भक्त सोने के आभूषण अर्पित करते हैं। इसी अनूठी परंपरा के कारण यह मंदिर क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मंदिर की आस्था की परंपरा 18वीं सदी से जुड़ी हुई है। बताया जाता है कि गंगा के कटाव के कारण पुराने मंदिर के अस्तित्व पर संकट आया, जिसके बाद पुराने मंदिर की मिट्टी का उपयोग कर वर्ष 1979 में भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। तब से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
शारदीय नवरात्र के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। नौ दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शहनाई की धुन वातावरण को भक्तिमय बना देती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
भक्त मां दुर्गा के चरणों में माथा टेककर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। आस्था, परंपरा और श्रद्धा का यह संगम नयागांव सतखुट्टी के मां दुर्गा मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
*परबत्ता संवाददाता गुरुदेव कुमार दैनिक बिहार पत्रिका*





