
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ में शशिकांत सोरेन को प्रदेश महासचिव मनोनीत किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। उनके मनोनयन पर बेलहर विधायक मनोज यादव सहित जदयू के स्थानीय नेताओं ने शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की है।बेलहर विधायक मनोज यादव ने शशिकांत सोरेन को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे संगठन को मजबूत बनाने तथा पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।वहीं, जदयू के प्रदेश महासचिव शशिकांत सोरेन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि पार्टी ने उन पर विश्वास जताते हुए जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी और संगठन की मजबूती को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। प्रदेश नेतृत्व की ओर से मिलने वाले आदेशों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे।उन्होंने आगे कहा कि संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना, पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा अनुसूचित जनजाति समाज के लोगों की समस्याओं और जरूरतों को उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के सहयोग से संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाएगा।जदयू प्रखंड उपाध्यक्ष एवं प्रखंड अध्यक्ष दीपक कुमार ने भी शशिकांत सोरेन के मनोनयन पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश महासचिव के रूप में उनकी नियुक्ति से संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शशिकांत सोरेन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में सक्रिय योगदान देंगे।शशिकांत सोरेन के प्रदेश महासचिव मनोनीत होने पर पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। नेताओं ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ की संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और पार्टी के जनाधार को मजबूत करने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।









