
तेलडीहा मंदिर से प्रमुख पूजा पंडालों तक कड़ी निगरानी, स्वास्थ्य, बिजली और अग्निशमन विभाग को भी सतर्क रहने का निर्देश
बांका। आस्था, भक्ति और शक्ति की उपासना के महापर्व दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बांका जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं तक, हर महत्वपूर्ण पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के मार्गदर्शन और निर्देश पर जिले में व्यापक प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख पूजा पंडालों, तेलडीहा मंदिर सहित अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। संबंधित पदाधिकारियों को अपने निर्धारित स्थलों पर उपस्थित रहकर विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
300 दंडाधिकारियों की तैनाती, हर गतिविधि पर नजर
दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। जिले में 300 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनके साथ पुलिस पदाधिकारी भी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पूजा पंडालों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का संबंधित अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं की पहचान करना और उनका समय रहते समाधान सुनिश्चित करना है। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं जिले की विधि-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

तेलडीहा मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
बांका जिले के प्रसिद्ध तेलडीहा मंदिर में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में व्यवस्थित कतार बनाई गई है और श्रद्धालुओं को कतार में खड़े रहने के दौरान राहत देने के लिए उसके ऊपर शेड की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य दर्शन के दौरान अनावश्यक परेशानी को कम करना और श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से पूजा-अर्चना का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अनावश्यक अव्यवस्था का सामना न करना पड़े और भीड़ को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
सिर्फ सुरक्षा नहीं, जरूरी सेवाओं पर भी फोकस
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को भी सक्रिय रखा है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग यानी पीएचईडी को जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य करने को कहा गया है। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को भी आवश्यक तैयारियों के साथ सतर्क रखा गया है। वहीं, प्रतिनियुक्त अधिकारियों की उपस्थिति और उनके कार्यों की निगरानी जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यदि किसी पूजा स्थल पर कोई समस्या सामने आती है, तो संबंधित विभाग और अधिकारी समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
श्रद्धालुओं से शालीन व्यवहार रखने का निर्देश
जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य, शालीन और सहयोगात्मक व्यवहार करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा गया है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है कि पूजा-अर्चना के दौरान वातावरण शांतिपूर्ण बना रहे और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को गंभीरता से लिया जाए।
आम लोगों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे पूजा के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखें, निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और मंदिरों एवं पूजा पंडालों में कतारबद्ध होकर दर्शन करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखना, अनावश्यक अफवाहों से दूर रहना और किसी संदिग्ध गतिविधि या असामान्य परिस्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को देना जरूरी है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं को ऐसा वातावरण मिले, जिसमें वे बिना किसी भय और परेशानी के मां दुर्गा की आराधना कर सकें। कुल मिलाकर, दुर्गा पूजा 2026 को लेकर बांका जिला प्रशासन ने सुरक्षा, सुविधा और आपातकालीन तैयारियों पर विशेष जोर दिया है। अब इस व्यवस्था को सफल बनाने में प्रशासन के साथ आम नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। आस्था के इस पर्व पर शांति, सद्भाव और सहयोग बना रहे—इसी संकल्प के साथ बांका प्रशासन दुर्गा पूजा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की दिशा में जुटा है।








