
डीएम अंशुल अग्रवाल ने विकास योजनाओं की समीक्षा में भवन निर्माण के लिए जमीन जल्द चिन्हित करने का दिया निर्देश; वृक्षारोपण की धीमी प्रगति पर अमरपुर के कार्यक्रम पदाधिकारी से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
बांका:- जिले में किराये के मकानों में संचालित करीब 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब निकटवर्ती उपयुक्त सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ाया है। जहां सरकारी भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां स्थायी आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। लक्ष्य है कि चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक भवन उपलब्धता की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो। समाहरणालय स्थित मिनी सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में वी.बी.-जी राम जी के कार्यों एवं विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर ग्रामीण हाट, वृक्षारोपण, मानव दिवस सृजन और ई-केवाईसी तक की प्रगति पर चर्चा हुई।
किराये पर खर्च घटे, बच्चों को मिले बेहतर सुविधा
समीक्षा में सामने आया कि जिले में करीब 500 आंगनबाड़ी केंद्र अभी किराये के मकानों में संचालित हो रहे हैं। डीएम ने ऐसे केंद्रों को निकट में उपलब्ध उपयुक्त सरकारी भवनों में जल्द स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य किराये पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने के साथ बच्चों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिन स्थानों पर स्थायी भवन की जरूरत है, वहां अंचल अधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और सीडीपीओ को आपसी समन्वय से जमीन चिन्हित करने को कहा गया है। भूमि उपलब्ध होने के बाद भवन निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

ग्रामीण हाटों को नियमित रूप से सक्रिय करने की तैयारी
बैठक में ग्रामीण हाटों की स्थिति की भी समीक्षा हुई। डीएम ने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर सभी ग्रामीण हाटों को नियमित रूप से क्रियाशील करने का निर्देश दिया। इसके पीछे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और किसानों, छोटे उत्पादकों एवं ग्रामीण कारोबारियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।
पौधे लगाने में सुस्ती, अमरपुर के कार्यक्रम पदाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण
वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। अमरपुर के कार्यक्रम पदाधिकारी राजेश कुमार से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश उप विकास आयुक्त को दिया गया। सिर्फ पौधरोपण का आंकड़ा पूरा करने के बजाय लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों को वृक्षारोपण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के साथ पौधों के संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मानव दिवस और ई-केवाईसी की भी हुई समीक्षा
विकास योजनाओं के तहत मानव दिवस सृजन और ई-केवाईसी की प्रगति भी बैठक के एजेंडे में रही। अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने को कहा। जनहित से जुड़ी योजनाओं में शिथिलता पर जवाबदेही तय करने और जिले की राज्य स्तरीय रैंकिंग में सुधार के लिए परिणाम आधारित काम करने पर जोर दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, निदेशक (एनईपी), सहायक अभियंता (वी.बी.-जी राम जी) सहित सभी कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा का प्रमुख फोकस यही रहा कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे—आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर भवन मिले, ग्रामीण हाट सक्रिय हों, पौधे लगाने के बाद उनका संरक्षण हो और विकास योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखाई दे।








