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Khagaria News: गया जा रहे 64 श्रद्धालुओं की CNG बस में लगी आग, सभी सुरक्षित

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Bureau Report

खगड़िया जिला प्रशासन ने तत्काल उपलब्ध कराई राहत सामग्री,दो बसों से घर वापसी की व्यवस्था

दैनिक बिहार पत्रिका। खगड़िया। पितृपक्ष के अवसर पर सिलिगुड़ी, पश्चिम बंगाल से गया में पिंडदान के लिए जा रहे 64 श्रद्धालुओं की CNG बस में शनिवार की सुबह करीब 3:30 बजे मानसी प्रखंड के पूर्वी ठाठा गांव के समीप अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बस पूरी तरह जल गई। हालांकि राहत की बात रही कि बस में सवार सभी 64 श्रद्धालु सुरक्षित बाहर निकल गए और किसी को शारीरिक क्षति नहीं हुई।

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बस में 29 महिलाएं और 35 पुरुष सवार थे। आग लगने की घटना में श्रद्धालुओं के कपड़े, जूते-चप्पल, रुपये-पैसे, पहचान पत्र और अन्य जरूरी सामान जल गए। स्थानीय निवासी प्रीयांशु कुमार और मिथुन कुमार ने तत्परता दिखाते हुए बस को रुकवाया और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन शाखा सहित संबंधित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को मौके पर भेजकर राहत एवं सहायता कार्य शुरू कराया।

जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए तत्काल भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई। आपदा प्रबंधन शाखा ने महिलाओं को डिग्निटी किट, जिसमें साड़ी सहित आवश्यक सामग्री शामिल थी, उपलब्ध कराई। पुरुषों को लुंगी, गमछा और कमीज दी गई। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के लिए चप्पल सहित अन्य जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं को विदा करते समय रास्ते के लिए भोजन के पैकेट और पेयजल भी उपलब्ध कराया गया।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के लिए दूध तथा सेनेटरी पैड की व्यवस्था की गई। वहीं श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जरूरत के अनुसार जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया।

घटना में नेपाल के एक परिवार के तीन सदस्य, माता-पिता और उनका पुत्र भी शामिल थे। जिला प्रशासन ने उन्हें भी भोजन, पेयजल, कपड़े, दूध, चप्पल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। आग में उनके जरूरी दस्तावेज जल जाने के बाद प्रशासन की ओर से यथासंभव पहचान पत्र एवं प्रमाणित दस्तावेजों के साथ थाना में सन्हा दर्ज कराया गया और उसकी सत्यापित प्रति उन्हें उपलब्ध कराई गई, ताकि वे आगे अपने दस्तावेज दोबारा बनवा सकें। बिहार-नेपाल सीमा से संबंधित अनुमंडल एवं थाना को भी इसकी सूचना दी गई, ताकि सीमा पार करते समय उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने दो बसों के साथ सुरक्षा कर्मियों की भी व्यवस्था की। प्रशासन के समेकित प्रयास से हादसे के कुछ ही घंटों के भीतर यात्रियों को भोजन, पानी, कपड़े, स्वास्थ्य सुविधा और यात्रा के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करा दी गई।

राहत और सहायता मिलने के बाद श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। श्रद्धालुओं ने कहा कि संकट की घड़ी में प्रशासन ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराई, वह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रही। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।

घटना के बाद श्रद्धालुओं के बीच राहत और संतोष का माहौल रहा। जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई सहायता के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से आगे के गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

रिपोर्ट: कृष्णा टेकरीवाल, दैनिक बिहार पत्रिका 

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