
सितंबर 2026 की जिलावार रैंकिंग में 100 में 89.32 अंक; समय-सीमा के भीतर 98.83 प्रतिशत परिवादों का निष्पादन
बांका:- आम लोगों की शिकायतों का समय पर निपटारा और प्रशासनिक जवाबदेही किसी भी व्यवस्था की अहम कसौटी होती है। इसी मोर्चे पर बांका जिले ने सितंबर 2026 की जिलावार रैंकिंग में राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जारी इस रैंकिंग में जिले को कुल 100 में 89.32 अंक मिले हैं। प्रशासन ने इस प्रदर्शन के पीछे शिकायतों की नियमित समीक्षा, निर्धारित समय-सीमा का पालन और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय को प्रमुख आधार बताया है। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के मार्गदर्शन में लोक शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संबंधित पदाधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा और मामलों की प्रगति पर निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि परिवादों का निपटारा तय समय के भीतर हो।
समय-सीमा में निष्पादन बना प्रमुख उपलब्धि
जिले के प्रदर्शन में सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ा समय-सीमा के भीतर निष्पादित परिवादों का है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, सितंबर में 98.83 प्रतिशत परिवादों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा में किया गया। इस मानक पर बांका को पूरे 30 में 30 अंक मिले। वहीं, समय-सीमा के बाहर निष्पादित मामलों का प्रतिशत शून्य दर्ज किया गया। लोक शिकायत निवारण प्रक्रिया में सुनवाई के दौरान संबंधित लोक प्राधिकारियों की उपस्थिति भी अहम होती है। इस मानक पर बांका ने 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की। इससे शिकायतों की सुनवाई और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रशासनिक प्रयासों का संकेत मिलता है।
अपीलों के निष्पादन में भी बेहतर प्रदर्शन
रैंकिंग में प्रथम और द्वितीय अपीलों के निष्पादन को भी शामिल किया गया। बांका जिले में प्रथम अपील के निष्पादन का प्रतिशत 98.14 रहा, जबकि द्वितीय अपील के निष्पादन का प्रतिशत 96.21 दर्ज किया गया। ये आंकड़े शिकायत निवारण की अपीलीय प्रक्रिया में जिले के प्रदर्शन को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त, शास्ति आरोपित राशि की वसूली के मानक पर जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की। शास्ति आरोपित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए निर्धारित मानक पर बांका को 10 में 10 अंक मिले। जिला स्तर पर बैठक आयोजित करने और उससे संबंधित जानकारी अपलोड करने के मामले में भी जिले को पांच में पांच अंक प्राप्त हुए।
नियमित समीक्षा और समन्वय पर जोर
जिला प्रशासन के अनुसार, लोक शिकायत निवारण से जुड़े पदाधिकारी और कर्मी आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। मामलों का समय पर निष्पादन, लोक प्राधिकारियों की उपस्थिति और अपीलों की नियमित निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है। इन सभी मानकों के संयुक्त प्रदर्शन ने बांका को राज्य की जिलावार रैंकिंग में दूसरा स्थान दिलाने में योगदान दिया है। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को आगे भी निरंतर प्रयास करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का लक्ष्य मौजूदा प्रदर्शन को बनाए रखने के साथ-साथ रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करना है। राज्य स्तर पर दूसरा स्थान मिलना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इस प्रदर्शन की वास्तविक उपयोगिता आम लोगों को मिलने वाली राहत से जुड़ी है। शिकायतकर्ताओं को समय पर सुनवाई, स्पष्ट कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराना ही लोक शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता की असली कसौटी रहेगा।









