
237 विद्यालयों के निरीक्षण में मिलीं विसंगतियां, तीन शिक्षक निलंबित; छात्र उपस्थिति, मध्याह्न भोजन और मॉडल विद्यालयों की गुणवत्ता सुधारने पर डीएम का जोर
बांका:- जिले में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समाहरणालय के मिनी सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालय निरीक्षण, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की नियमित हाजिरी, मध्याह्न भोजन योजना और मॉडल विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और टोला सेवकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण में सामने आईं अनियमितताएं, कार्रवाई भी शुरू
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि सितंबर माह में 237 विद्यालयों का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान दोषी पाए गए शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि कुछ के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने 39 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इन निरीक्षणों में लगभग 70 शिक्षकों से जवाब-तलब किया गया तथा विसंगतियों के आधार पर तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों का निरीक्षण की तिथि का एक दिन का वेतन स्थगित किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों और टोला सेवकों की उपस्थिति के साथ मध्याह्न भोजन योजना की भी जांच की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि उससे विद्यालयों की व्यवस्था में वास्तविक सुधार दिखना चाहिए।
ई-शिक्षाकोष में देरी पर भी कार्रवाई
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर देर से उपस्थिति दर्ज करने के मामले में पिछले माह 116 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जांच में दोषी पाए गए तीन शिक्षकों को निलंबित किया गया है। दो शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की गई, एक शिक्षक की वेतनवृद्धि रोकने का दंड अधिसूचित किया गया, जबकि तीन शिक्षकों का वेतन स्थगित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षक और टोला सेवक अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करें। कर्तव्य में लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यालयों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
छात्रों की कम उपस्थिति पर जताई चिंता
बैठक में विद्यालयों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर जिलाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने टोला सेवकों और तालिमी मरकज के कार्यों की समीक्षा करने तथा जिन कर्मियों द्वारा बच्चों को विद्यालय लाने या अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने में लापरवाही बरती जा रही है, उन्हें चिह्नित कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रशासन का उद्देश्य है कि बच्चे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचें और शिक्षा से वंचित न रहें। इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों को उपस्थिति की निगरानी के साथ जमीनी स्तर पर जिम्मेदारी तय करने को कहा गया।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए चलेगी विशेष कक्षा
मॉडल विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि 40 विद्यार्थियों की कक्षा में कुछ बच्चे औसत से कमजोर हैं, तो उनके लिए रेमेडियल कक्षाएं संचालित की जाएं। साप्ताहिक परीक्षा में कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें कक्षा में अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया जाए, ताकि सभी बच्चों के परीक्षा परिणाम बेहतर हो सकें। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को महीने में तीन से चार बार मॉडल विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान वे विद्यार्थियों से संवाद करें, उनकी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को समझें और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करें। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास पर विशेष जोर दिया गया।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता से समझौता नहीं
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि चार विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अनियमितताओं के आरोप में कुल 2,04,294 रुपये की वसूली के लिए पत्र जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय निरीक्षण के दौरान वेंडरों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही खाद्य सामग्री, फल और अंडों की गुणवत्ता अनिवार्य रूप से जांचें। भोजन की गुणवत्ता या आपूर्ति में किसी प्रकार की विसंगति मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के बाद विद्यालयों में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
इंस्पायर अवार्ड में बांका की उपलब्धि
बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित समाचार पत्रों में प्रकाशित नकारात्मक खबरों पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। वहीं, इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम में बांका जिले के राज्य स्तर पर दूसरे और राष्ट्रीय स्तर पर 11वें स्थान पर रहने की जानकारी दी गई। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को इसी तरह समर्पित होकर कार्य करने को कहा। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, उप प्रबंधक तकनीकी असैनिक, सहायक अभियंता, सभी संभाग प्रभारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तथा शिक्षा विभाग के अन्य कर्मी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के निर्देशों का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, अनुशासन, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों को धरातल पर लागू कर विद्यालयों की व्यवस्था में ठोस सुधार लाएं।


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