
कटोरिया-चंदन सीमा के पास मार्च में हुई लूटपाट के मामले में कार्रवाई; पुलिस के अनुसार, आरोपित का तीन अन्य कांडों में भी आपराधिक इतिहास दर्ज
बांका:- बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र में दर्ज डकैती के एक मामले में वांछित आरोपी को बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को STF की टीम ने जमुई जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पवन पासवान को पकड़ा। आरोपी चंदन थाना कांड संख्या 36/26 में वांछित था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस अधीक्षक, बांका के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी इस मामले में प्राथमिक अभियुक्त है। उसके पकड़े जाने को मार्च 2026 में कटोरिया-चंदन सीमा के पास हुई कथित लूटपाट की घटना की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
सुनसान मकान में घुसकर गृहस्वामियों को बंधक बनाने का आरोप
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 मार्च 2026 की रात कटोरिया-चंदन सीमा के पास स्थित एक सुनसान मकान को निशाना बनाया गया था। आरोप है कि घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने के बाद सो रहे गृहस्वामियों को डराया-धमकाया गया और बंधक बना लिया गया। इसके बाद नकदी और सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए गए। लूटे गए सामान में मंगलसूत्र, कान की बाली, बेसर, अंगूठी और पायल जैसे आभूषण शामिल बताए गए हैं। इस घटना के संबंध में चंदन थाना में कांड संख्या 36/26 दर्ज है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान पवन पासवान ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, आरोपों से संबंधित अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के तहत तय होगा।
जमुई जिले का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पवन पासवान (43 वर्ष), पिता राजेंद्र पासवान, निवासी मानिकपुर गंगटी, थाना चंद्रमंडी, जिला जमुई के रूप में हुई है। उसे चंद्रमंडी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी का नाम पूर्व के तीन आपराधिक मामलों में भी दर्ज है। इनमें चंद्रमंडी थाना कांड संख्या 94/21, दिनांक 9 जून 2021; चंद्रमंडी थाना कांड संख्या 163/23, दिनांक 6 सितंबर 2023; और बाराहाट थाना कांड संख्या 232/25, दिनांक 25 जुलाई 2025 शामिल हैं। इन मामलों में भारतीय दंड विधान (IPC) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इन मामलों का उल्लेख पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आपराधिक इतिहास के आधार पर किया गया है।
न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान संबंधित पुलिस इकाई द्वारा किया जाएगा। बांका पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में बिहार STF की भूमिका रही। पुलिस का उद्देश्य मामले में वांछित आरोपी को पकड़कर जांच को आगे बढ़ाना है।









