खगड़िया/परबत्ता प्रखंड अंतर्गत पिपरा लतीफ पंचायत के इस्लामपुर गांव के वार्ड नंबर-1 की आशा कार्यकर्ता हासिम खातून को पद से हटाने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आशा कार्यकर्ता प्रसव पीड़ित महिलाओं को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी क्लिनिक ले जाती हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक 200 से अधिक मरीजों को निजी अस्पताल ले जाया गया है। आवेदन में नवजात शिशु बदलने से संबंधित आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों ने हाल ही में एक प्रसव पीड़िता की मौत का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि एक अक्टूबर 2026 को गुलशन खातून (35), पति मोहम्मद अख्तर शाह, को निजी क्लिनिक ले जाया गया था, जहां ऑपरेशन के बाद उनकी मौत हो गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि मृतक के परिजन करते हैं। लेकिन इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि दैनिक बिहार पत्रिका के संवाददाता नहीं करता है।
आवेदन पर मुखिया, वार्ड सदस्य, ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों समेत करीब 200 ग्रामीणों के हस्ताक्षर होने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर आशा कार्यकर्ता को पद से हटाने की मांग की है।
इधर, चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
*दैनिक बिहार पत्रिका परबत्ता ।*








