
सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग; मतदाताओं को विशेष आकस्मिक अवकाश, वरीयता अंकित करने में गलती हुई तो मतपत्र हो सकता है अवैध
बांका:- बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक निर्वाचन 2026 को लेकर चुनावी तैयारियों के बीच मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मतदान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मतदाताओं को अपनी पहचान, मतदान का समय और मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के नियमों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, पटना स्नातक, पटना शिक्षक, तिरहुत स्नातक, तिरहुत शिक्षक, दरभंगा स्नातक, दरभंगा शिक्षक, कोसी स्नातक तथा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की तिथि 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार निर्धारित की गई है। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचकों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान की तिथि पर विशेष आकस्मिक अवकाश देय होगा।
पहचान-पत्र के बिना मतदान में परेशानी हो सकती है
निर्वाचन प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता की व्यक्तिगत पहचान स्थापित करना अनिवार्य है। पहचान की पुष्टि होने के बाद ही मतदान की अनुमति दी जाएगी।मतदाता फोटो पहचान-पत्र यानी ईपीआईसी रखने वाले निर्वाचक इसका उपयोग अपनी पहचान स्थापित करने के लिए कर सकते हैं। यदि किसी निर्वाचक को मतदाता फोटो पहचान-पत्र जारी नहीं हुआ है या किसी कारणवश वह इसे प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत किया जा सकता है। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा राज्य या केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान-पत्र भी मान्य विकल्पों में शामिल हैं। सांसदों, विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचान-पत्र तथा संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक को उसके शैक्षणिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र भी प्रस्तुत किया जा सकता है। इसी तरह विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी यानी यूडीआईडी कार्ड भी निर्धारित विकल्पों में शामिल हैं। ध्यान रहे, पहचान के लिए इन दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा और उससे निर्वाचक की पहचान स्थापित होनी चाहिए।
मतपत्र भरते समय इन नियमों का रखें ध्यान
अब बात करते हैं मतदान के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से की—मतपत्र पर अपनी पसंद कैसे दर्ज करें। विधान परिषद के इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतपत्र पर अभ्यर्थियों के सामने अपनी अधिमानता यानी वरीयता अंकित करनी होती है। इसके लिए मतदाता को मतपत्र के साथ दी जाने वाली इंटीग्रेटेड वायलेट स्केच पेन का ही इस्तेमाल करना है। किसी अन्य कलम, पेंसिल या बॉलपेन का उपयोग नहीं करना चाहिए। मतदाता अपनी पहली पसंद के अभ्यर्थी के नाम के सामने वरीयता वाले स्तंभ में अंक 1 लिखेगा। वैध मतपत्र के लिए कम-से-कम एक अभ्यर्थी के सामने अंक 1 अंकित करना जरूरी है। यदि मतदाता अन्य अभ्यर्थियों को भी वरीयता देना चाहता है, तो अपनी पसंद के क्रम में उनके सामने 2, 3, 4 और आगे के अंक लिख सकता है। ये अतिरिक्त वरीयताएं देना अनिवार्य नहीं है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण नियम है—अंक 1 केवल एक ही अभ्यर्थी के सामने लिखा जाना चाहिए। एक से अधिक अभ्यर्थियों के सामने समान वरीयता अंक नहीं लिखें। प्रत्येक अभ्यर्थी के सामने केवल एक ही वरीयता अंक दर्ज करें। वरीयता शब्दों में, जैसे एक, दो या तीन लिखकर नहीं, बल्कि अंकों में अंकित करनी है। निर्धारित निर्देशों के अनुसार भारतीय अंकों के अंतरराष्ट्रीय रूप, रोमन अंकों अथवा संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा के अंकों का उपयोग किया जा सकता है।
एक छोटी गलती से मतपत्र हो सकता है अवैध
मतदाता इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मतपत्र पर अपना हस्ताक्षर, आद्याक्षर, नाम या कोई अन्य शब्द नहीं लिखना है। अंगूठे का निशान भी नहीं लगाना है। अपनी पसंद बताने के लिए सही का निशान यानी टिक या क्रॉस का निशान भी न बनाएं। वरीयता केवल निर्धारित तरीके से अंकों में दर्ज करें। यदि मतपत्र पर अंक 1 नहीं लिखा गया, एक से अधिक अभ्यर्थियों के सामने अंक 1 दर्ज कर दिया गया, या यह स्पष्ट नहीं हुआ कि पहली वरीयता किस अभ्यर्थी को दी गई है, तो मतपत्र अवैध हो सकता है। इसी तरह एक ही अभ्यर्थी के सामने एक से अधिक वरीयता अंक लिखना, वरीयता शब्दों में लिखना, मतदाता की पहचान उजागर करने वाला कोई निशान बनाना अथवा निर्धारित स्केच पेन के अलावा किसी अन्य साधन से अंक दर्ज करना भी मतपत्र को अवैध बना सकता है। इसलिए मतदान से पहले नियमों को समझें और मतपत्र भरते समय पूरी सावधानी बरतें।
शिकायत के लिए नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था
निर्वाचन संबंधी शिकायतों और सूचनाओं के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार, पटना के कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह मतदान प्रक्रिया की समाप्ति तक कार्यरत रहेगा।
निर्धारित संपर्क विवरण इस प्रकार हैं:
दूरभाष: 0612-2215611
ई-मेल: ceo_bihar@eci.gov.in
वैकल्पिक ई-मेल: ceobihar@gmail.com
निर्वाचन से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या सूचना इन माध्यमों से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कार्यालय तक पहुंचाई जा सकती है।
मतदाताओं से विशेष अपील
बिहार विधान परिषद के इन निर्वाचन क्षेत्रों के सभी संबंधित निर्वाचकों से अपील है कि वे मतदान की तिथि और समय का ध्यान रखें, अपना पहचान-पत्र या मान्य वैकल्पिक दस्तावेज साथ रखें तथा मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के नियमों का पालन करें। याद रखें, मतदान में आपकी भागीदारी जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है आपका मत वैध होना। 23 अक्टूबर को मतदान करें, नियमों को समझें और अपनी वरीयता सावधानीपूर्वक दर्ज करें।








