
बांका/बौंसी। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर बौंसी प्रखंड में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। दुर्गा मंदिरों में सुबह से ही मां के जयकारों और पूजा-अर्चना से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। बौंसी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर से लेकर पुरानी हाट और ग्रामीण इलाकों के विभिन्न पूजा स्थलों तक नवरात्र की रौनक छाई हुई है। शनिवार को नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप देवी कालरात्रि की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच माता रानी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। संध्याकालीन अनुष्ठान के बाद प्रतिमा को मंदिर के मुख्य मेढ़ पर स्थापित किया गया। अब श्रद्धालुओं को रविवार, 18 अक्टूबर को महाष्टमी के अवसर पर मां के दरबार का पट खुलने का इंतजार है। पूजा-अर्चना के बाद भक्त मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे। पट खुलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पूजा समिति के सदस्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
महाष्टमी पर डलिया चढ़ाने की पुरानी परंपरा
बौंसी क्षेत्र में महाष्टमी की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। श्यामबाजार, कैरी, कुड़रो, नयागांव, फागा, भंडारीचक, मिश्राचक और धर्मपुर सहित आसपास के गांवों के दुर्गा मंदिरों में डलिया चढ़ाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। रविवार की सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के बाद महिलाएं

और अन्य श्रद्धालु डलिया चढ़ाकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना करेंगे। इस पारंपरिक अनुष्ठान को लेकर स्थानीय भक्तों में विशेष उत्साह बना हुआ है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पूजा समितियों की ओर से डलिया चढ़ाने और पूजा-अर्चना की व्यवस्था को सुचारु बनाने की तैयारी की जा रही है।
भीड़ को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क
महाष्टमी पर संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। मंदिर और मेला परिसर में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला और पुरुष सशस्त्र बलों के साथ पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। खासकर महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ के व्यवस्थित संचालन पर ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, पूजा समिति के सदस्य मंदिर की सजावट, धार्मिक अनुष्ठानों, मेला प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने में दिन-रात जुटे हैं। समिति और प्रशासन का प्रयास है कि भक्त शांतिपूर्ण वातावरण में मां के दर्शन करें और डलिया चढ़ाने के दौरान किसी को असुविधा न हो।
मां के स्वागत में सजा बौंसी
मां दुर्गा के आगमन के साथ ही बौंसी बाजार और आसपास के गांवों में उत्सवी माहौल बन गया है। मंदिरों में सजावट, पूजा की तैयारियां और भक्तों का उत्साह नवरात्र की रौनक को और बढ़ा रहा है। अब सबकी निगाहें रविवार की महाष्टमी पर टिकी हैं, जब मां के दरबार का पट खुलने के बाद श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।


BOUNSI NEWS: बौंसी में दुर्गा






