
बांका। सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचे, लंबित मामलों का निपटारा हो और विभागीय कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से सोमवार को बांका समाहरणालय सभागार में प्रभारी जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जन शिकायतों से लेकर राजस्व, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और पंचायत योजनाओं तक की प्रगति का जायजा लिया गया। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निष्पादित करें।
सहयोग शिविर से लेकर राजस्व मामलों तक समीक्षा
बैठक में सहयोग शिविर और उच्चस्तरीय समिति से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया। अधिकारियों को आवेदकों एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित करने और अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। आगामी राज्यस्तरीय सहयोग शिविर के लिए पात्र आवेदकों का चयन कर सूची उपलब्ध कराने तथा मामलों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।नीलाम पत्र वाद, भूमि विवाद, भूमि अधिग्रहण, सेवा संबंधी प्रकरण और मानवाधिकार आयोग से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। राजस्व शाखा की समीक्षा के दौरान सरकारी भूमि, जमाबंदी, दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी पोर्टल और राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विवाह मंडप सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने का निर्देश
आईसीडीएस की समीक्षा में किराये के भवनों में चल रहे शेष आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी विद्यालयों या अन्य सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने को कहा गया। जहां सरकारी भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां उपयुक्त भूमि चिह्नित कर नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सरकारी भवनों का कायाकल्प अभियान के तहत जीर्णोद्धार कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके। पोषण ट्रैकर की रैंकिंग में बांका को प्रथम स्थान पर लाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पात्र लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
सोलर योजना और स्वास्थ्य सेवाओं पर निगरानी
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की समीक्षा के दौरान सोलर पैनल अधिष्ठापन की गति बढ़ाने और नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में आशा कार्यकर्ताओं के चयन एवं भुगतान, दवाओं की उपलब्धता, एचपीवी टीकाकरण, एनक्यूएएस प्रमाणीकरण और मातृ स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, भुगतान समय पर सुनिश्चित करने और संबंधित पोर्टल पर आंकड़े नियमित रूप से अद्यतन रखने को कहा गया। आरटीपीएस के लंबित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने तथा प्रखंड से जिला स्तर तक नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। संत रविदास विकास शिविर के अंतर्गत आवासीय भूमि, वासगीत पर्चा, उज्ज्वला योजना, सड़क-नाली निर्माण, बिजली कनेक्शन, स्वच्छता, प्रमाणपत्र और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े लंबित आवेदनों को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
पंचायत योजनाओं और पेंशन मामलों पर भी जोर
पंचायत शाखा की समीक्षा में वित्त आयोग के अंतर्गत ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों की स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन एवं व्यय में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। वहीं, सेवानिवृत्त और मृत सरकारी कर्मियों के पेंशन, उपादान, बीमा, अर्जित अवकाश तथा भविष्य निधि से संबंधित लंबित मामलों का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सीपीग्राम्स पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों, कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, ग्राम कचहरी सचिवों एवं न्यायमित्रों की उपस्थिति तथा सड़क और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
समयसीमा में काम पूरा करने की हिदायत
प्रभारी जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करें, लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें और कार्रवाई से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराएं। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने, योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना रहा।










