
भागलपुर। रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुचारु और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मालदा रेल मंडल ने महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। लैलख ममलखा रेलवे स्टेशन के भागलपुर छोर पर बाधित ट्रैक लेआउट का सफलतापूर्वक सुधार किया गया है। यह कार्य 27 और 28 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि में निर्धारित ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक के दौरान पूरा किया गया। मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विभाग ने इस कार्य को अंजाम दिया। सुधार के तहत स्टेशन पर पॉइंट संख्या 58A और 58B से जुड़े ट्रैक लेआउट की ज्यामितीय बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष तकनीकी कदम उठाए गए। इसमें टर्नआउट संख्या 58A को साहिबगंज छोर की ओर स्थानांतरित किया गया।
क्रॉसओवर की लंबाई में 2.54 मीटर की वृद्धि
इस तकनीकी सुधार का मुख्य उद्देश्य ट्रैक के संरेखण को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाना और रेल परिचालन में मौजूद बाधाओं को दूर करना था। इसके लिए क्रॉसओवर की कुल लंबाई में 2.54 मीटर की वृद्धि की गई। इससे ट्रैक की ज्यामिति को बेहतर बनाने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त मुख्य लाइन के कर्व का दोबारा संरेखण किया गया। इस प्रक्रिया से क्रॉसओवर में मौजूद असमान मोड़, जिसे तकनीकी भाषा में ‘किंक’ कहा जाता है, को समाप्त करने की दिशा में सुधार किया गया। ट्रैक की बनावट और संरेखण में इस तरह के सुधार से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु बनाने तथा परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
कई विभागों के समन्वय से पूरा हुआ चुनौतीपूर्ण कार्य
रेलवे की ओर से यह कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था। इसे निर्धारित ब्लॉक अवधि के भीतर पूरा करने के लिए विस्तृत योजना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया गया। कार्य के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर-द्वितीय, मालदा और वरिष्ठ मंडल इंजीनियर-तृतीय, मालदा उपस्थित रहे। वहीं, सहायक मंडल इंजीनियर, भागलपुर के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में स्थायी मार्ग यानी पी-वे के पर्यवेक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। विद्युत विभाग के ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन यानी टीआरडी तथा सिग्नल विभाग ने भी आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान किया। निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा होना इंजीनियरिंग, परिचालन, विद्युत और सिग्नल एवं दूरसंचार विभागों के बीच समन्वित प्रयासों को दर्शाता है।
सुरक्षित और भरोसेमंद रेल सेवा की दिशा में कदम
इस सुधार से ट्रैक की ज्यामिति बेहतर होने, बाधित लेआउट की समस्या दूर करने और ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह पहल परिचालन सुरक्षा और रेल सेवाओं की विश्वसनीयता मजबूत करने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण है। मालदा रेल मंडल का कहना है कि रेल पटरियों और संबंधित अवसंरचना का निरंतर उन्नयन उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। तकनीकी बाधाओं को दूर करने और आधुनिक सुधारों को अपनाने के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय, समयबद्ध और कुशल रेल सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।










