
तीन मौजा में जमीन चिह्नित, वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास प्रस्तावित एयरपोर्ट; मंजूरी मिलते ही आगे बढ़ेगी निर्माण की प्रक्रिया
पटना। बिहार के कैमूर जिले में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए जमीन चिह्नित कर करीब 161 एकड़ भूमि का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है। अब एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए रामपुर, सबार और पाली मौजा की जमीन का चयन किया गया है। यह जमीन रामपुर प्रखंड क्षेत्र में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के समीप बताई जा रही है। जमीन से संबंधित दस्तावेज तैयार करने के साथ अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर जिला स्तर पर अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की प्रक्रिया की समीक्षा की गई है। राजस्व समेत संबंधित विभागों को आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और प्रस्ताव से जुड़ी कार्रवाई को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी करने के बाद अब सरकार की स्वीकृति को महत्वपूर्ण अगला कदम माना जा रहा है।
एयरपोर्ट का निर्माण होने पर कैमूर के साथ आसपास के शाहाबाद क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद है। इससे इलाज, कारोबार, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बड़े शहरों तक आवागमन आसान हो सकता है। क्षेत्र के लोगों को फिलहाल हवाई यात्रा के लिए दूर के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर एयरपोर्ट की सुविधा विकसित होने से कनेक्टिविटी में बदलाव आने की संभावना है।
एयरपोर्ट बनने से कैमूर के पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों मां मुंडेश्वरी धाम, करकटगढ़ और दुर्गावती जलाशय तक दूसरे क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों की पहुंच आसान हो सकती है। बेहतर हवाई संपर्क विकसित होने की स्थिति में स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल, खान-पान और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
हालांकि, फिलहाल एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण चरण राज्य सरकार की मंजूरी है। जिला प्रशासन की ओर से करीब 161 एकड़ भूमि का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब प्रस्ताव पर सरकार के स्तर से निर्णय लिया जाना है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद ही एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया निर्धारित रूप से आगे बढ़ सकेगी।










