
डीएम अंशुल अग्रवाल ने लोक शिकायत के मामलों की की सुनवाई; रजौन के अतिक्रमणवाद में मापी के बाद 80 को नोटिस, अनुपस्थित अपीलार्थियों को मिला एक और मौका
बांका:- कभी गलत बिजली बिल तो कभी जमीन के अभिलेख में सुधार और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायत—प्रारंभिक स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद जिला स्तर पर पहुंची ऐसी शिकायतों पर शुक्रवार को बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत द्वितीय अपील की सुनवाई की गई। जिला पदाधिकारी-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई सुनवाई के लिए कुल 15 मामले निर्धारित थे। सुनवाई के दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित मामलों में अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई। जहां कार्रवाई पूरी हो चुकी थी, वहां संबंधित प्रतिवेदन देखा गया, जबकि लंबित मामलों में आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बिजली बिल की शिकायत लेकर पहुंचे, हुआ सुधार
विद्युत विभाग से जुड़े दो मामलों में अपीलार्थियों की शिकायत के आधार पर विद्युत विपत्र में सुधार किया गया। लंबे समय से गलत बिल अथवा विपत्र से जुड़ी समस्या का सामना कर रहे उपभोक्ताओं के मामलों में सुधार की कार्रवाई के बाद शिकायत के समाधान की दिशा में प्रक्रिया पूरी हुई। लोक शिकायत की सुनवाई में यह भी देखा गया कि संबंधित विभाग द्वारा आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई और शिकायत का वास्तविक समाधान हुआ या नहीं।
जमीन के खेसरा में भी कराया गया सुधार
अंचल कार्यालय, बांका से संबंधित एक मामले में अंचल अमीन की मापी रिपोर्ट के आधार पर आवेदित खेसरा में आवश्यक सुधार किया गया। जमीन से संबंधित अभिलेखीय समस्या के समाधान में मापी प्रतिवेदन को आधार बनाते हुए कार्रवाई की गई। भूमि से जुड़े मामलों में सही मापी एवं अभिलेखों का सत्यापन महत्वपूर्ण होने के कारण संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मापी के बाद 80 अतिक्रमणकारियों को नोटिस
रजौन अंचल से संबंधित प्रमोद सिंह के अतिक्रमणवाद संख्या-03/2026-27 का मामला भी सुनवाई में सामने आया। अपीलार्थी की शिकायत थी कि अतिक्रमणवाद संधारित होने के बावजूद स्थल की मापी नहीं हो रही थी। द्वितीय अपील में मामला आने के बाद अंचल अधिकारी, रजौन द्वारा स्थल की मापी कराई गई। मापी के आधार पर कुल 80 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही मामले में आगे की विधिसम्मत प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ है।
अनुपस्थित लोगों को मिलेगा एक और अवसर
शुक्रवार की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कुछ मामलों में अपीलार्थी उपस्थित नहीं हो सके। ऐसे मामलों को तत्काल समाप्त करने के बजाय संबंधित अपीलार्थियों को अपना पक्ष रखने का एक और अवसर दिया गया है और सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित की गई। जिला प्रशासन के अनुसार लोक शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही जिन मामलों में अनावश्यक विलंब या लापरवाही सामने आती है, उनमें संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर है। शुक्रवार की सुनवाई का संदेश स्पष्ट रहा—शिकायत केवल दर्ज होकर फाइल में न रहे, बल्कि बिजली बिल से लेकर जमीन और अतिक्रमण तक के मामलों में समाधान धरातल पर दिखाई दे।










