
‘स्वच्छता ही सेवा’ के तहत अब तक 668 क्लीनलीनेस टारगेट यूनिट्स का ट्रांसफॉर्मेशन पूरा; पंचायतों में सार्वजनिक स्थल, पुराने डंपिंग प्वाइंट और प्रमुख मार्गों के ब्लैक स्पॉट की हुई सफाई
बांका:- सड़क किनारे वर्षों से जमा कचरा, सार्वजनिक स्थानों पर बने गंदगी के ब्लैक स्पॉट और पुराने डंपिंग स्थल अब स्वच्छता अभियान के केंद्र में हैं। बांका जिले में ऐसे 4,326 स्थानों को क्लीनलीनेस टारगेट यूनिट्स (CTU) के रूप में चिन्हित किया गया है। इनमें से अब तक 668 सीटीयू का कायाकल्प पूरा किया जा चुका है। भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत रविवार को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में सीटीयू की साफ-सफाई और कायाकल्प के लिए सघन गतिविधियां चलाई गईं।
पुराने कचरा स्थलों पर चला सफाई अभियान
रविवार को पंचायतों में उन स्थानों पर विशेष फोकस रहा, जहां लंबे समय से कचरा जमा होने या बार-बार गंदगी फैलने की समस्या रही है। सार्वजनिक स्थलों, पुराने कचरा डंपिंग प्वाइंट और प्रमुख मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स की व्यापक सफाई की गई।
अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन कचरा हटाना नहीं, बल्कि लगातार गंदगी वाले स्थानों को चिन्हित कर उनका ऐसा कायाकल्प करना है, जिससे वे दोबारा कचरा डंपिंग स्थल न बनें।
4,326 में 668 स्थानों का बदला स्वरूप
जिले भर में कुल 4,326 क्लीनलीनेस टारगेट यूनिट्स चिन्हित हैं। इनमें 668 का ट्रांसफॉर्मेशन पूरा होने के साथ अब शेष स्थानों पर भी अभियान के दौरान चरणबद्ध तरीके से काम किया जाना है। सीटीयू के तहत विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां कचरे का जमाव आसपास की स्वच्छता और सार्वजनिक वातावरण को प्रभावित करता है।
सफाई के साथ श्रमदान का भी संदेश
रविवार की गतिविधियों में साफ-सफाई के साथ ग्रामीणों और आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। लोगों को अपने आसपास सफाई बनाए रखने और श्रमदान के माध्यम से अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। स्वच्छता अभियान को केवल सरकारी कर्मियों तक सीमित रखने के बजाय इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद साफ किए गए स्थानों पर दोबारा कचरा जमा होने से रोकने के लिए लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
दो अक्टूबर तक चलेगा अभियान
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान चिन्हित सीटीयू के कायाकल्प के साथ सार्वजनिक स्थलों की सफाई और जन-जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। बांका के सामने अब बड़ी चुनौती 668 स्थानों पर हुए बदलाव को टिकाऊ बनाने और शेष चिन्हित सीटीयू पर काम की रफ्तार बढ़ाने की है, ताकि अभियान समाप्त होने के बाद भी साफ किए गए ब्लैक स्पॉट दोबारा कचरे के ढेर में न बदलें।










