
लखनऊ। दैनिक बिहार पत्रिका। राजधानी लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में मीट लेकर जा रहे एक बिरयानी विक्रेता को रास्ते में रोककर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित रिजवान का आरोप है कि उसे प्रतिबंधित मीट ले जाने की बात कहते हुए गाली-गलौज की गई और लात-घूंसों व बेल्ट से पीटा गया। मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, महोना के कसाई मोहल्ला निवासी रिजवान बड़ी मस्जिद के पास रविवार और गुरुवार को बिरयानी का ठेला लगाता है। 20 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे वह मीट लेकर जा रहा था। इसी दौरान राणा यादव, शानू और सूरज ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि तीनों ने मीट को प्रतिबंधित बताते हुए उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट की। रिजवान ने अपनी तहरीर में जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
घटना के बाद रिजवान इटौंजा थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत दी। उसकी तहरीर के आधार पर राणा यादव, शानू और सूरज के खिलाफ बीएनएस की धारा 351(1), 352, 115(2), 117(1) और 110 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस ने मौके से बरामद मीट को कब्जे में लेकर उसकी जांच के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को रिपोर्ट भेजी है। मीट के नमूने लिए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि बरामद मांस किस प्रकार का है और उसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यानी फिलहाल इसे प्रतिबंधित मीट मानकर निष्कर्ष निकालना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें एक युवक के साथ कई लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का दृश्य दिखाई देता है। पुलिस ने वीडियो और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।
रिपोर्ट: कृष्णा गौड़, दैनिक बिहार पत्रिका










