
शिलापट्ट नहीं लगाने और मापी पुस्तिका दर्ज नहीं होने का भी खुलासा, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
खगड़िया/परबत्ता प्रखंड क्षेत्र के कोलवारा पंचायत के वार्ड संख्या-16 स्थित मांझी टोला में सरकारी योजना के तहत कराए गए नाला निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। योजना की जांच में प्राक्कलन के अनुरूप निर्माण नहीं होने की पुष्टि हुई है। तकनीकी सहायक द्वारा तैयार जांच प्रतिवेदन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, परबत्ता को सौंप दिया गया है।
*आवेदन में क्या कहा गया?*
मामला आवेदक रौशन रजक, पिता केदार रजक द्वारा दिए गए आवेदन से जुड़ा है। आवेदन के आलोक में 28 सितंबर 2026 को योजना स्थल का निरीक्षण किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 15वें वित्त आयोग के टाइड मद से पीसीसी सड़क से गड्ढा तक नाला सोख्ता निर्माण कराया जाना था। आवेदक ने योजना के निर्माण कार्य की जांच कर अनियमितता पर कार्रवाई की मांग की थी।
*क्या है पूरा मामला?*
योजना के प्राक्कलन में नाला निर्माण की लंबाई 165 फीट, चौड़ाई 4 फीट और गहराई 2.5 फीट निर्धारित थी। लेकिन तकनीकी सहायक विश्वासरंजन के स्थल निरीक्षण में लंबाई 146 फीट 7 इंच, चौड़ाई 3 फीट और गहराई महज 2 फीट पाई गई। वहीं पीसीसी ढक्कन की मोटाई 4 इंच दर्ज की गई। जांच रिपोर्ट में योजना स्थल पर शिलापट्ट नहीं लगाए जाने और मापी पुस्तिका दर्ज नहीं होने की बात भी सामने आई है।
*क्या कार्रवाई हुई?*
आवेदन के बाद स्थल निरीक्षण कर तकनीकी जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया और उसे प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को सौंप दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई या निर्माण कार्य में कमी की भरपाई को लेकर कोई निर्णय सामने नहीं आया है।
*अधिकारी क्या कहते हैं?*
तकनीकी सहायक विश्वासरंजन ने स्थल निरीक्षण के बाद जांच प्रतिवेदन समर्पित किया है। वहीं, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी की ओर से आगे की कार्रवाई और जवाबदेही तय करने के संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं।









