
बांका:- जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। 28 सितंबर 2026 की रात 10 बजे जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने +2 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, हसिया में नाइट ब्लड सर्वे यानी एनबीएस अभियान की आधिकारिक शुरुआत की। अभियान की शुरुआत को खास बनाते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं रक्त का नमूना देकर रात्रि रक्त पट्ट जांच का शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से लोगों को फाइलेरिया की जांच और इसके प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
रात में ही क्यों होती है जांच?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसकी रोकथाम के लिए समय पर जांच और आवश्यक दवाओं का सेवन महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया के परजीवी रात के समय रक्त में अधिक सक्रिय होते हैं। इसी वजह से नाइट ब्लड सर्वे के तहत रात्रि में रक्त के नमूने लिए जाते हैं, ताकि संक्रमण की पहचान में मदद मिल सके।
ग्रामीणों के सहयोग की सराहना
जिलाधिकारी ने बेहरा पंचायत के ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जांच अभियान में ग्रामीणों द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए लोगों से ऐसे स्वास्थ्य अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रभारी सिविल सर्जन सह डीआईओ डॉ. सुनील कुमार चौधरी, स्थानीय मुखिया ऋषिकांत साह, डीपीएम ब्रजेश कुमार, वीबीडीसीओ डॉ. एस.एस. दास, बीडीओ कर्पूरी ठाकुर और पीरामल स्वास्थ्य के जिला प्रतिनिधि अवधेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारी, विद्यालय के प्राचार्य राजीव रंजन, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, फ्रंटलाइन कार्यकर्ता और शिक्षकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
अभियान का उद्देश्य
नाइट ब्लड सर्वे का उद्देश्य रात्रिकालीन रक्त जांच के माध्यम से फाइलेरिया संक्रमण की पहचान में स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही लोगों को बीमारी की रोकथाम, जांच और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बांका में शुरू हुए इस अभियान में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की सहभागिता देखने को मिली।


BANKA NEWS: फाइलेरिया उन्मूलन अभियान







