
सात निश्चय-3 के ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के तहत जिला से प्रखंड स्तर तक सुनवाई, लंबित मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर जोर
बांका:- सरकारी कार्यालयों में आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसी उद्देश्य से बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के तहत शुक्रवार को बांका समाहरणालय के मिनी सभागार में जनसमस्याओं की सुनवाई की गई। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस सुनवाई में कुल 20 आवेदकों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं रखीं। सुनवाई के दौरान डीएम ने प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि नागरिकों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और शिकायतों पर निर्धारित समय के भीतर प्रभावी कार्रवाई हो। इस पहल को केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रखा गया। जिले के सभी जिला स्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहे और आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। प्रशासन के अनुसार, सुनवाई के दौरान कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया, जबकि अन्य शिकायतों पर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर आम लोगों की शिकायतें सुनें। उन्होंने समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने और प्रत्येक मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, सुदृढ़ और जवाबदेह बनाना है। इसके तहत सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए सरल और सुलभ बनाने के साथ शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई के साथ अधिकारियों की नियमित उपस्थिति को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे नागरिकों को अपनी समस्या सीधे संबंधित पदाधिकारी के समक्ष रखने का अवसर मिलता है और विभागीय स्तर पर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने और आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया गया। अब इस पहल की प्रभावशीलता इस बात से आंकी जाएगी कि प्राप्त शिकायतों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और आवेदकों को वास्तविक राहत कितनी मिलती है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों का भरोसा मजबूत करने और सरकारी सेवाओं को अधिक सहज बनाने की दिशा में सुनवाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है।



