
बिजली बिल सुधार मामले में दोबारा रिपोर्ट देने का निर्देश, अतिक्रमण वादों के निष्पादन की समय-सीमा 17 नवंबर तय
बांका:- आम लोगों की शिकायतों के निपटारे में जवाबदेही तय करने को लेकर जिला प्रशासन ने लोक शिकायतों की द्वितीय अपीलों पर सुनवाई की। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत जिला पदाधिकारी-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार, बांका की अध्यक्षता में आयोजित सुनवाई के लिए कुल 14 मामले निर्धारित किए गए थे। विभिन्न विभागों से प्राप्त जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान बिजली बिल में सुधार, अतिक्रमण और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। विद्युत विपत्र में सुधार से संबंधित एक मामले में अपीलार्थी लोक प्राधिकार की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे। इस पर संबंधित लोक प्राधिकार को दोबारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, ताकि शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जा सके। वहीं, अतिक्रमण से जुड़े मामले में संबंधित अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमणवाद दर्ज कर संबंधित लोगों को निर्धारित प्रपत्र में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अंचल अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, इन अतिक्रमण वादों का निष्पादन 17 नवंबर 2026 तक कर दिए जाने की समय-सीमा बताई गई है। सुनवाई में सबसे अधिक मामले प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित रहे। इस योजना के कुल 10 मामलों में प्रखंड विकास पदाधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर उप विकास आयुक्त, बांका से मंतव्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। इससे इन मामलों में आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर समीक्षा की जाएगी। सुनवाई के दौरान जिन मामलों में अपीलार्थी उपस्थित नहीं थे, उनमें उन्हें अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर देने के उद्देश्य से अगली तारीख निर्धारित कर मामलों को फिर से सूचीबद्ध किया गया। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत दर्ज परिवादों और अपीलों का पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी निवारण प्राथमिकता है। सुनवाई में दिए गए निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागों की रिपोर्ट, आवास योजना के मामलों पर डीडीसी के मंतव्य और अतिक्रमण वादों के निष्पादन पर नजर रहेगी।



