
बांका। आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान और सरकारी सेवाओं को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बांका जिला प्रशासन ने जनसुनवाई को प्राथमिकता दी है। बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को संवेदनशील, मजबूत और जवाबदेह बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को समाहरणालय स्थित मिनी सभागार में प्रभारी जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आम लोगों की शिकायतें सुनी गईं। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुल 26 आवेदकों ने अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनसुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की प्रकृति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने और उनके निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की यह पहल केवल समाहरणालय तक सीमित नहीं रही। जिले के सभी जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अनावश्यक भागदौड़ से राहत दिलाना और सरकारी कार्यालयों में उनकी पहुंच को आसान बनाना है। जनसुनवाई के दौरान कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया। वहीं, जिन शिकायतों का निपटारा मौके पर संभव नहीं हो सका, उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रभारी जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में वे अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें और आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें। उन्होंने शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही, शिकायतों के निष्पादन में जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत करना भी इस पहल का अहम हिस्सा है। अब देखना यह होगा कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर कितनी प्रभावशीलता से निष्पादन होता है। आम नागरिकों को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से उनकी समस्याओं का समाधान आसान होगा और सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही की भावना और मजबूत होगी।










