
9 से 16 जनवरी 2027 तक होंगे आयोजन, 20 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की योजना; वाटर मेट्रो, विशेष बस और बेहतर रेल सुविधाओं पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जोर
पटना। सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को तख्त श्री हरमंदिर जी गुरुद्वारा, पटना साहिब में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, आवासन और आवागमन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रकाश पर्व के अवसर पर 9 जनवरी से 16 जनवरी 2027 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘बिहार है तैयार, जी आया नूं’ रखी गई है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए लगभग 20 से 30 एकड़ क्षेत्र में व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जहां करीब 20 हजार लोगों के आवासन की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक इंतजाम
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रकाश पर्व की प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी, जबकि पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा रखा। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपनी जिम्मेदारियों और प्रस्तावित व्यवस्थाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष बसों का परिचालन, पर्याप्त पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, चलंत शौचालय और चेकपोस्ट की व्यवस्था की जाएगी। कॉम्फेड की ओर से दूध एवं दही की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना है। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जाएगी।
रेलवे स्टेशनों को सुविधाजनक बनाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश पर्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसलिए पटना साहिब गुरुद्वारा तक जाने वाली सड़कों को व्यवस्थित किया जाए, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने दानापुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक और पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के महाप्रबंधक को पटना साहिब रेलवे स्टेशन को श्रद्धालुओं की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही पटना जंक्शन, गुलजारबाग और राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर भी आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा।
दीघा घाट से कंगन घाट तक वाटर मेट्रो की संभावना
प्रकाश पर्व के दौरान सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने दीघा घाट से कंगन घाट तक वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया। इसके लिए आवश्यक संसाधनों और संचालन व्यवस्था पर काम करने के साथ कोलकाता से वाटर मेट्रो किराये पर लेने की संभावना पर भी विचार करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने पर्याप्त संख्या में बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालु आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकें।
ठंड को देखते हुए चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
जनवरी में आयोजन होने के कारण ठंड को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने का निर्देश दिया। उन्होंने हृदय रोग विशेषज्ञों सहित जरूरी चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा आवासन स्थलों पर पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी सुविधा, सुरक्षा तथा सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
गुरुद्वारा में मत्था टेककर की सुख-शांति की कामना
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तख्त श्री हरमंदिर जी गुरुद्वारा, पटना साहिब में मत्था टेका और राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा, तलवार और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विधायक रत्नेश कुशवाहा, पटना की महापौर सीता साहू, पूर्व मुख्य सचिव जी.एस. कंग, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, पटना प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेन्द्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, अन्य वरीय अधिकारी और तख्त श्री हरमंदिर साहिब प्रबंधक कमिटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। अब प्रकाश पर्व के आयोजन को लेकर सड़क, रेल, जल परिवहन, आवासन, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर प्रशासन का ध्यान रहेगा।


BIHAR NEWS: गुरु गोविंद सिंह






