
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि, देशभक्ति गीतों से गूंजा समारोह स्थल
पटना:- देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक योगदान देने वाले भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राजधानी पटना में भव्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चितकोहरा पुल के निकट स्थित पटेल चौक के सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा प्रांगण में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहुंचकर उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह का वातावरण राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना से ओतप्रोत रहा। मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार के कई मंत्री, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष, विधायक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी लौह पुरुष को नमन किया।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने किया नमन
इस राजकीय समारोह में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव तथा विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी उपस्थित

रहे। इसके अलावा आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, विधायक श्याम रजक, विधायक संजीव चौरसिया और विधायक संजय कुमार ने भी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर सरदार पटेल के प्रति सम्मान प्रकट किया। बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण मेहता और पूर्व विधान पार्षद कुमुद वर्मा सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।
भजन, राष्ट्रीय गीत और देशभक्ति की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम को सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति के रंग में सजाने के लिए सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने विशेष प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों द्वारा आरती पूजन, भजन-कीर्तन, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, बिहार गीत और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद लोगों के बीच देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को अभिव्यक्त किया।
राष्ट्रीय एकता के प्रतीक को किया याद
सरदार वल्लभभाई पटेल को देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में जाना जाता है। स्वतंत्रता के बाद विभिन्न रियासतों के एकीकरण और भारत की राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। इसी योगदान के सम्मान में उनकी जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। पटना में आयोजित इस राजकीय समारोह के माध्यम से राज्य के जनप्रतिनिधियों और उपस्थित लोगों ने लौह पुरुष के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।


BIHAR NEWS: पटना में राजकीय






