
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में घाटों पर एक साथ जले दीप; डीएम अंशुल अग्रवाल रहे मुख्य अतिथि, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुख-समृद्धि और शांति की हुई कामना
बौंसी/बांका:- मंदार पर्वत की तलहटी में स्थित ऐतिहासिक पापहरणी सरोवर का नजारा गुरुवार की शाम कुछ अलग ही था। घाटों पर कतारों में जगमगाते दीप, सरोवर के शांत जल में झिलमिलाती उनकी परछाइयां और पीछे खड़ा मंदार पर्वत—इस अद्भुत संगम ने पूरे परिसर को आकर्षक बना दिया। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत पापहरणी के घाटों पर एक साथ 10 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। दीप जलते ही पूरा पापहरणी परिसर रोशनी से नहा उठा। सरोवर के पानी में हजारों दीपों की परछाई दिखाई दी तो दृश्य और भी मनमोहक हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो आसमान के हजारों सितारे मंदार की धरती पर उतर आए हों।
डीएम अंशुल अग्रवाल रहे मुख्य अतिथि
भव्य दीपोत्सव में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को लेकर शाम से ही पापहरणी सरोवर के आसपास लोगों का जुटना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और युवाओं की मौजूदगी से घाटों पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ा और घाटों पर रखे दीप एक-एक कर रोशन हुए, मंदार और पापहरणी का सौंदर्य निखरता चला गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।

वैदिक मंत्रों से गूंजा पापहरणी परिसर
दीपोत्सव के दौरान वैदिक मंत्रों का पाठ भी किया गया। दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार के बीच वातावरण धार्मिक एवं आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। उपस्थित लोगों ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। मंदार पर्वत की प्राकृतिक पृष्ठभूमि के बीच सरोवर के घाटों पर सजे हजारों दीप कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बने रहे।
स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़ाई रौनक
कार्यक्रम में अद्वैत मिशन विद्यालय के स्कूली बच्चों के साथ अद्वैत मिशन बीएड कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता, उत्साह और तालियों ने दीपोत्सव के माहौल को और जीवंत बना दिया। युवाओं और बच्चों के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने रोशनी से सजे पापहरणी घाटों का आनंद लिया। सरोवर के अलग-अलग हिस्सों से दीपों की कतार और पानी में उनका प्रतिबिंब लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। गुरुवार की शाम पापहरणी में आयोजित यह दीपोत्सव केवल दीप प्रज्ज्वलन तक सीमित नहीं रहा। 10 हजार दीपों की सामूहिक रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और मंदार की प्राकृतिक छटा ने पापहरणी सरोवर को एक भव्य दृश्य में बदल दिया, जिसे देखने पहुंचे लोगों ने अपने कैमरों के साथ यादों में भी संजोया।


BOUNSI NEWS: 10 हजार दीपों








