
‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के तहत समाहरणालय में हुई जनसुनवाई; कई मामलों का मौके पर समाधान, बाकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बांका:- सरकारी कार्यालय में आवेदन देने के बाद समाधान के लिए बार-बार चक्कर लगाने की नौबत न आए और निर्धारित दिन पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले नागरिक को संबंधित अधिकारी कार्यालय में ही उपलब्ध मिले—इसी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बांका प्रशासन ने अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिया है। सोमवार को समाहरणालय के मिनी सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान 37 आवेदकों ने अपनी शिकायतों और समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। यह जनसुनवाई बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ के उद्देश्यों के तहत आयोजित की गई। प्राप्त आवेदनों पर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिला मुख्यालय से प्रखंड तक अधिकारी रहे कार्यालय में
सोमवार को केवल समाहरणालय स्तर पर ही सुनवाई नहीं हुई। जिले के जिला स्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्या लेकर अलग-अलग कार्यालयों में अधिकारियों की तलाश करने से बचाना और निर्धारित कार्य दिवस पर एक निश्चित व्यवस्था के तहत शिकायत रखने का अवसर उपलब्ध कराना है।
कुछ शिकायतों का मौके पर ही समाधान
जनसुनवाई के दौरान सामने आए मामलों में से कई समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। जिन शिकायतों का उसी समय निष्पादन संभव नहीं था, उनमें संबंधित विभाग और पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने शेष आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर जोर दिया है, ताकि जनसुनवाई केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया बनकर न रह जाए और शिकायतकर्ता को उसके मामले में वास्तविक कार्रवाई भी दिखाई दे।
निर्धारित दोनों दिन कार्यालय में रहना अनिवार्य
डीएम अंशुल अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनसमस्याओं की सुनवाई के लिए निर्धारित दोनों कार्य दिवसों में अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इन दिनों आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान को प्राथमिकता देने को कहा गया है। इस निर्देश का सीधा उद्देश्य अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे किसी व्यक्ति को अपनी शिकायत रखने के लिए अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
आवेदन लेने से आगे बढ़कर समाधान पर फोकस
प्रशासन ने जनसुनवाई व्यवस्था में समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी सेवा को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके तहत आवेदन मिलने के बाद संबंधित पदाधिकारी की जिम्मेदारी उसके उचित निष्पादन तक तय करने पर जोर है। सोमवार को पहुंचे 37 आवेदकों की शिकायतों पर शुरू हुई कार्रवाई के साथ अब असली कसौटी लंबित मामलों के समयबद्ध समाधान की होगी। प्रशासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए व्यवस्था के पीछे न भागना पड़े, बल्कि निर्धारित व्यवस्था ही उसकी शिकायत को समाधान तक पहुंचाए।


BANKA NEWS: समस्या लेकर दफ्तर








