
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक सहायता का प्रावधान; बेरोजगार युवाओं को ₹1,000 मासिक भत्ता और KYP में तीन माह का कौशल प्रशिक्षण
बांका:- कॉलेज में पढ़ रहे युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र की टीम अब शिक्षण संस्थानों तक पहुंच रही है। सोमवार को सार्वजनिक डिग्री कॉलेज, समुखिया, बांका में छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा, रोजगार की तलाश के दौरान आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी तीन प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश के आलोक में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और कुशल युवा कार्यक्रम के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया गया।
आर्थिक परेशानी से पढ़ाई न छूटे, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की दी जानकारी
डीआरसीसी के सहायक प्रबंधक ने विद्यार्थियों को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के उद्देश्य और लाभ से अवगत कराया। बताया गया कि योजना का उद्देश्य आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा जारी रखने में परेशानी का सामना कर रहे विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में बताया गया कि निर्धारित पात्रता एवं प्रावधानों के तहत 10वीं अथवा 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को अधिकतम ₹4 लाख तक की राशि उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। छात्रों को योजना की पूरी जानकारी लेकर इसका लाभ उच्च शिक्षा और अपने करियर के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में करने के लिए प्रेरित किया गया।

नौकरी की तलाश के दौरान ₹1,000 प्रतिमाह सहायता
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के संबंध में बताया गया कि निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के इंटरमीडिएट अथवा स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार की तलाश के दौरान आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के तहत पात्र युवाओं को ₹1,000 प्रतिमाह अधिकतम दो वर्षों तक स्वयं सहायता भत्ता दिए जाने का प्रावधान बताया गया। इसका उद्देश्य नौकरी तलाशने की अवधि में युवाओं को सीमित आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
डिग्री के साथ कौशल पर भी फोकस
विद्यार्थियों को कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके तहत पात्र मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को तीन माह का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण में युवाओं को कंप्यूटर की जानकारी के साथ भाषा-संवाद और व्यवहार कौशल से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक योग्यता के साथ रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल को भी मजबूत करना है।
योजना कार्यालय में नहीं, विद्यार्थियों तक पहुंचे जानकारी
कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं तक सीधे जानकारी पहुंचाना रहा, जो पात्र होने के बावजूद जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। विद्यार्थियों को योजनाओं को केवल आर्थिक सहायता के रूप में नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार की तैयारी से जुड़ने के अवसर के रूप में समझाया गया। कार्यक्रम में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, बांका के सहायक प्रबंधक तथा सार्वजनिक डिग्री कॉलेज के शिक्षक मौजूद रहे। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी पात्रता के अनुसार योजनाओं की जानकारी लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रेरित किया गया।










