
पोषण-स्वच्छता के साथ बाल विवाह के कानूनी प्रावधान और वित्तीय योजनाओं की दी जानकारी; 5 दिव्यांग बच्चियां प्रमाणपत्र के लिए चिह्नित, अगले सप्ताह तक बनवाने की पहल
बांका:- किशोरियों को स्वस्थ रखने के लिए केवल बीमारी की जांच ही नहीं, बल्कि सही पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, अपने अधिकारों की जानकारी और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता भी जरूरी है। इसी सोच के साथ मंगलवार को सदर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बांका में एक दिवसीय पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम सह एनीमिया जांच शिविर आयोजित किया गया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन, बांका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच के साथ उन्हें जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
छात्राओं की हुई एनीमिया जांच
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. दीपक कुमार चौधरी एवं बांका के BHM राजेश रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. चौधरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को समाज की प्रगति की महत्वपूर्ण नींव बताया। उन्होंने स्वस्थ रहने के साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया। शिविर में ANM शिवानी कुमारी एवं प्रियंका कुमारी ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण और एनीमिया की जांच की। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों एवं फार्मासिस्ट रंजीत कुमार गुप्ता ने संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और एनीमिया से बचाव के उपाय बताए।

बाल विवाह के खिलाफ कानून की भी मिली जानकारी
कार्यक्रम को केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रखा गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जिला मिशन समन्वयक ने छात्राओं को सेल्फ-केयर, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया। वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ ने बाल विवाह जैसी कुरीति, उससे जुड़े कानूनी प्रावधान तथा महिलाओं के लिए संचालित वित्तीय एवं सुरक्षात्मक योजनाओं की जानकारी दी। केंद्र प्रशासक अंजना भारती ने छात्राओं को मौलिक अधिकार, लैंगिक समानता तथा हिंसा या भेदभाव की स्थिति में अपनी बात रखने और सहायता लेने के प्रति जागरूक किया।
5 दिव्यांग बच्चियों के प्रमाणपत्र की भी खुलेगी राह
कार्यक्रम के दौरान एक और महत्वपूर्ण पहल हुई। जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन की टीम ने विद्यालय की 5 दिव्यांग बच्चियों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चिह्नित किया। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर अगले सप्ताह तक इन बच्चियों के प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रमाणपत्र बनने से पात्र बच्चियों के लिए संबंधित सरकारी सुविधाओं एवं योजनाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी।
सेहत के साथ अपने अधिकार जानने पर जोर
कार्यक्रम का संचालन जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन के जिला मिशन समन्वयक ने किया। मौके पर जिला जेंडर समन्वयक सुनीता कुमारी, विद्यालय की वार्डेन/शिक्षिका अंकिता कुमारी, जेंडर स्पेशलिस्ट माधुरी कुमारी, अन्य शिक्षिकाएं, स्वास्थ्य विभाग एवं निगम के प्रतिनिधि और छात्राएं मौजूद रहीं। एक दिवसीय कार्यक्रम ने बालिकाओं को एक साथ कई स्तरों पर जोड़ने का प्रयास किया—शरीर में खून की कमी की पहचान से लेकर सही पोषण, स्वच्छता, कानूनी अधिकार, बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता और आत्मनिर्भर बनने तक।


BANKA NEWS: एनीमिया की जांच







