Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

BOUNSI NEWS: जितिया पर्व पर आस्था का रंग, माताओं ने रखा संतान की लंबी उम्र का निर्जला व्रत,रविवार को पारण

Author Image
Written by
Kumar Chandan

बौंसी/बांका। संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर मनाया जाने वाला तीन दिवसीय जितिया यानी जीवित्पुत्रिका पर्व क्षेत्र में श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर व्रती महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। घर-घर में पूजा-अर्चना और पारंपरिक अनुष्ठानों का दौर चलता रहा। पर्व के पहले दिन शुक्रवार को व्रती महिलाओं ने स्नान एवं पूजन के बाद भोजन ग्रहण किया। स्थानीय परंपरा के अनुसार इस दिन मड़ुआ की रोटी और मछली खाने की परंपरा भी प्रचलित है। इसके बाद शनिवार की सुबह करीब तीन बजे महिलाओं ने सरगही की रस्म निभाई और फिर कठिन जितिया व्रत का संकल्प लेकर करीब 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। जितिया पूजा के दौरान खीर, खीरा, गुड़, अंकुरित मूंग सहित विभिन्न पारंपरिक प्रसाद एवं पूजन सामग्री का इस्तेमाल किया गया। महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर अपने बच्चों की लंबी उम्र, स्वस्थ जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। परंपरा के अनुसार कुल-खानदान के पितृ देवताओं का स्मरण भी किया गया तथा व्रत से जुड़ी धार्मिक कथाओं का श्रवण किया गया।

जीमूतवाहन के त्याग की कथा का विशेष महत्व

Advertisement Box

जितिया पर्व से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं में राजा जीमूतवाहन के त्याग की कथा का विशेष महत्व बताया जाता है। मान्यता के अनुसार नागों की रक्षा के लिए जीमूतवाहन ने अपने प्राणों का त्याग करने का निर्णय लिया था। उनके निःस्वार्थ त्याग से प्रसन्न होकर गरुड़ ने नागों का शिकार करना बंद कर दिया और उन्हें जीवनदान दिया। इसी मान्यता के आधार पर संतान की रक्षा और दीर्घायु की कामना से जीमूतवाहन की पूजा की परंपरा जुड़ी मानी जाती है।

चील-सियारिन की कथा से संयम का संदेश

जितिया व्रत के दौरान चील और सियारिन की कथा सुनने की भी परंपरा है। धार्मिक लोककथा के अनुसार दोनों ने जितिया व्रत रखने का निर्णय लिया था। चील ने नियम और निष्ठा के साथ व्रत पूरा किया, जबकि सियारिन व्रत के दौरान संयम नहीं रख सकी। कथा के माध्यम से व्रत में निष्ठा, संयम और नियमों के पालन का महत्व बताया जाता है।

पारण के साथ पर्व का समापन

रविवार की सुबह पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके साथ ही तीन दिवसीय जितिया पर्व का समापन हुआ। पारण के अवसर पर घर-घर में विभिन्न पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए और परिवार के सदस्यों ने प्रसाद एवं भोजन ग्रहण किया। पूरे पर्व के दौरान क्षेत्र में धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाज और पारिवारिक उत्साह का माहौल बना रहा।

BOUNSI NEWS: राष्ट्रीय पिकलबॉल चैंपियनशिप में बिहार की जोड़ी का शानदार प्रदर्शन
आज फोकस में

BOUNSI NEWS: राष्ट्रीय पिकलबॉल चैंपियनशिप में बिहार की जोड़ी का शानदार प्रदर्शन

BOUNSI NEWS: बौंसी में गंदे पानी से निकलेगा सिंचाई का रास्ता, सैटेलाइट सर्वे से शुरू हुई नई पहल
आज फोकस में

BOUNSI NEWS: बौंसी में गंदे पानी से निकलेगा सिंचाई का रास्ता, सैटेलाइट सर्वे से शुरू हुई नई पहल

<span class=BOUNSI NEWS: जितिया पर्व पर आस्था का रंग, माताओं ने रखा संतान की लंबी उम्र का निर्जला व्रत,रविवार को पारण">
आज फोकस में

BOUNSI NEWS: जितिया पर्व पर आस्था का रंग, माताओं ने रखा संतान की लंबी उम्र का निर्जला व्रत,रविवार को पारण

Khagaria News: जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में मूल्यांकन संबंधी कार्यों की समीक्षा
आज फोकस में

Khagaria News: जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में मूल्यांकन संबंधी कार्यों की समीक्षा

CHANDAN NEWS: तीन दिवसीय जितिया पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह, रविवार को पारण के साथ होगा समापन
आज फोकस में

CHANDAN NEWS: तीन दिवसीय जितिया पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह, रविवार को पारण के साथ होगा समापन

Khagaria News: जलजमाव, स्वच्छता, यातायात और पर्व-त्योहारों की तैयारियों पर डीएम ने की समीक्षा, दिए जरूरी निर्देश
आज फोकस में

Khagaria News: जलजमाव, स्वच्छता, यातायात और पर्व-त्योहारों की तैयारियों पर डीएम ने की समीक्षा, दिए जरूरी निर्देश

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box

शनिवार, 03 अक्तूबर 2026

आज का सुविचार

जिंदगी में दो तरह के लोगों से हमेशा दूर रहना: एक व्यस्त और दूसरा घमंडी। क्योंकि व्यस्त अपनी मर्जी से बात करेगा और घमंडी अपने मतलब से आपको याद करेगा।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

✕
[news_reels]
WhatsApp