
लीलावरण में समेकित कृषि मॉडल का किया बारीकी से अवलोकन
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
कटोरिया/बांका:- जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने शुक्रवार को कटोरिया प्रखंड अंतर्गत कटियारी पंचायत के लीलावरण गांव में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं द्वारा संचालित समेकित कृषि मॉडल का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान डीएम का महिलाओं के साथ जमीन पर बैठकर उनकी आजीविका, आत्मनिर्भरता और कृषि गतिविधियों पर चर्चा करना खास आकर्षण का केंद्र रहा। गांव पहुंचने पर महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर जिला पदाधिकारी का स्वागत एवं सम्मान किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने महिलाओं द्वारा क्लस्टर समूह बनाकर सामूहिक रूप से की जा रही खेती, टमाटर एवं नींबू के उत्पादन तथा जैविक खेती से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कृषि कार्यों की प्रगति को करीब से देखा और महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। गांव की स्थानीय महिलाओं ने समूह के माध्यम से ऐसे क्षेत्र में भी खेती को बढ़ावा दिया है, जहां पहले कृषि कार्य करना कठिन था। सरकारी सहयोग से महिलाएं टमाटर का उत्पादन करने के साथ नींबू एवं अन्य फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित कर रही हैं। सामूहिक प्रयास से संचालित यह पहल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान महिलाओं ने जिला पदाधिकारी के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं को भी रखा। डीएम ने जमीन पर बैठकर महिलाओं की बातें सुनीं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को जांच कर नियमानुसार त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने, पात्र महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा कृषि एवं आजीविका संबंधी गतिविधियों को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए समन्वित प्रयास जरूरी हैं। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकता है। मौके पर प्रखंड के सरोज कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।



