
बांका:- दीपों का त्योहार दीपावली और लोक आस्था का महापर्व छठ नजदीक आते ही बांका जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्व के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस महकमे को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आम लोगों की सुविधा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सजग और सक्रिय रहकर जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
पटाखा दुकानों पर प्रशासन की विशेष नजर
दीपावली को देखते हुए पटाखों की दुकानों और उनके भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के साथ सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। अग्निशमन विभाग को पूरी तरह तैयार रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया है। वहीं, सिविल सर्जन को अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था मजबूत रखने, जबकि एंबुलेंस और मेडिकल टीम को जरूरत के अनुसार तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।
धनतेरस पर बाजारों में बढ़ेगी निगरानी
धनतेरस के अवसर पर ज्वेलरी, बर्तन और अन्य प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, जुआ खेलने पर रोक लगाने और प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता जांचने को कहा गया है। दुकानदारों को भी अपने प्रतिष्ठानों में उचित स्थानों पर कैमरे लगाकर उन्हें चालू हालत में रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर प्रशासन की प्राथमिकता घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है। सभी संबंधित अधिकारियों को घाटों की साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था समय रहते पूरी करने को कहा गया है। विशेष रूप से खतरनाक घाटों की पहचान करने और वहां पानी की गहराई का आकलन करने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, सुरक्षा रस्सी और चेतावनी से संबंधित फ्लैक्स लगाए जाएंगे। सभी अंचल अधिकारियों को घाटों का भौतिक निरीक्षण कर जरूरी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा घाटों की स्थिति के अनुसार शौचालय, प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था भी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोरों और एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।
पर्व समाप्ति के बाद भी रहेगी सतर्कता
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को केवल पर्व के दौरान ही नहीं, बल्कि छठ महापर्व की समाप्ति के कुछ दिनों बाद तक भी सतर्क रहने को कहा है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना या अप्रिय घटना को रोका जा सके। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शांति समिति की बैठक आयोजित करने, जरूरत के अनुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रतिमा स्थापना निर्धारित नियमों और वैध लाइसेंस के अनुरूप कराने तथा विसर्जन के लिए तय मार्ग का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने छठ घाटों पर पटाखों की बिक्री और उनके संचालन पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है। प्रशासन का संदेश साफ है—त्योहारों की खुशियां सुरक्षा के साथ मनाई जाएं। दीपावली पर बाजारों की निगरानी से लेकर छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा तक, हर स्तर पर व्यवस्था दुरुस्त रखने की तैयारी की जा रही है।











