
पटना:- महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक अध्यायों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से पटना में एक विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। बापू टावर और प्लैनेट पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का नाम ‘बापू मार्च: वॉकिंग इन द फुटप्रिंट्स ऑफ महात्मा गांधी’ रखा गया। करीब साढ़े चार घंटे तक चले इस भ्रमण में युवाओं सहित कुल 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और शहर की ऐतिहासिक विरासत को करीब से जाना। इस कार्यक्रम में बापू टावर के निदेशक विनय कुमार, उप निदेशक ललित कुमार सिंह, प्लैनेट पटना के निदेशक डॉ. अजफर अहमद और पटना के प्रसिद्ध डाक टिकट संग्रहकर्ता प्रदीप जैन सहित कई लोग शामिल हुए। आयोजन में युवाओं की भागीदारी खास रही। इसका उद्देश्य केवल ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि उन स्थानों से जुड़ी घटनाओं और गांधीवादी मूल्यों को समझने का अवसर देना भी था।
छह ऐतिहासिक पड़ावों से जुड़ी स्वतंत्रता संग्राम की यादें
हेरिटेज वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने पटना के छह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इनमें देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को समर्पित राजेंद्र स्मृति संग्रहालय, राष्ट्रीय चेतना का केंद्र रहा बिहार विद्यापीठ और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा सदाकत आश्रम शामिल रहा। इसके अलावा प्रतिभागियों ने ए.एन. सिन्हा संस्थान स्थित गांधी कुटीर का भ्रमण किया, जहां महात्मा गांधी पटना प्रवास के दौरान ठहरे थे। गांधी संग्रहालय में बापू के जीवन और अहिंसा के सिद्धांतों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की गई। वहीं, गांधी घाट यानी एनआईटी घाट पर प्रतिभागियों को उस ऐतिहासिक स्थल के बारे में बताया गया, जहां महात्मा गांधी की अस्थियों का विसर्जन किया गया था। इस पूरी यात्रा का अंतिम पड़ाव बापू टावर रहा। भ्रमण के दौरान कृति सेन और श्याम प्रिया ने प्रतिभागियों को विभिन्न स्थलों के इतिहास, महत्व और उनसे जुड़ी घटनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
ऐतिहासिक संस्थानों ने किया प्रतिभागियों का स्वागत
बिहार विद्यापीठ के संयुक्त सचिव अवधेश कुमार नारायण ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने राजेंद्र स्मृति संग्रहालय, झंडा चौक और मोहम्मद मजहरूल हक स्मारक पुस्तकालय के इतिहास के साथ उनसे जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां और प्रसंग साझा किए। वहीं, गांधी संग्रहालय के संयुक्त सचिव आसिफ वसी ने संस्थान और महात्मा गांधी से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवाओं को बापू के विचारों और जीवन मूल्यों से परिचित कराने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित होने चाहिए। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह की पहल में सहयोग देने की तत्परता जताई।
बचपन की यादों से लेकर चंपारण तक की योजना
बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बिहार विद्यापीठ स्थित हाई स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। इस स्थान पर दोबारा पहुंचना उनके लिए बचपन की सुनहरी यादों को ताजा करने जैसा अनुभव रहा। वहीं, उप निदेशक ललित कुमार सिंह ने भविष्य की योजना बताते हुए कहा कि जिस तरह महात्मा गांधी ने पटना से चंपारण तक अपना मार्च शुरू किया था, उसी तर्ज पर बापू टावर और प्लैनेट पटना के संयुक्त प्रयास से आने वाले समय में इस हेरिटेज वॉक को चंपारण तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम के सफल संचालन में बापू टावर की ओर से अजय कुमार सिंह, अरुण कुमार पाठक और अजय कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्लैनेट पटना की ओर से राहुल कुमार का भी योगदान रहा। अंत में बापू टावर लौटने पर निदेशक विनय कुमार और डॉ. अजफर अहमद ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से महात्मा गांधी के जीवन मूल्यों को अपनाने और उनके दिखाए अहिंसा, सत्य तथा सद्भाव के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर करियर लॉन्चर की छात्राओं ने भी हेरिटेज वॉक से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और इस ज्ञानवर्धक आयोजन पर प्रसन्नता जताई। यह हेरिटेज वॉक पटना की ऐतिहासिक विरासत को समझने के साथ नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों और गांधीवादी विचारों से जोड़ने की एक पहल बनकर सामने आई।











