
पटना। बिहार में सब्जी उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आम लोगों तक ताजी सब्जियां उचित कीमत पर पहुंचाने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना जू के गेट नंबर-2 के समीप तरकारी आउटलेट का उद्घाटन किया। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड यानी वेजफेड की ओर से संचालित यह अपनी तरह का पहला आउटलेट बताया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और सहकारिता विभाग के मंत्री रामकृपाल यादव सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सब्जी उत्पादकों को बेहतर बाजार देने और उपभोक्ताओं को शुद्ध, ताजी एवं गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वेजफेड का यह तरकारी आउटलेट इसी उद्देश्य को जमीन पर उतारने की पहल है। इससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा, वहीं आम उपभोक्ताओं को भी उचित दर पर अच्छी गुणवत्ता वाली सब्जियां मिल सकेंगी।
बिचौलियों की भूमिका कम करने पर जोर
सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि इन आउटलेट के माध्यम से सब्जी उत्पादक किसानों और उत्पादक समूहों से सीधे सब्जियों की खरीद की जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को बाजार से सीधा जुड़ाव मिलेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को ताजी सब्जियां उचित कीमत पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मंत्री ने जानकारी दी कि योजना के प्रथम चरण में प्रति इकाई 7 लाख 44 हजार रुपये की लागत से कुल 200 तरकारी आउटलेट बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक आउटलेट का आकार 15 गुणा 10 वर्ग फीट निर्धारित किया गया है। पटना नगर निगम क्षेत्र के पार्कों में भी ऐसे आउटलेट खोलने की योजना है। इसके अलावा जल्द ही गर्दनीबाग स्थित ऑफिसर्स फ्लैट और शास्त्री नगर स्थित ऑफिसर्स क्वार्टर में भी तरकारी आउटलेट शुरू किए जाएंगे।
‘हर थाली में बिहार तरकारी’ है लक्ष्य
इस योजना का मूल उद्देश्य ‘हर थाली में बिहार तरकारी’ के लक्ष्य को साकार करना है। इसके लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर जरूरी आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। सब्जी संग्रहण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं तथा प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सब्जी हाटों में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि सब्जियों को लंबे समय तक गुणवत्तापूर्ण रखा जा सके और उनकी बर्बादी रोकी जा सके। इसके साथ ही सहकारी समितियों से जुड़े किसान सदस्यों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के जरिए उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
किसानों से बाजार तक मजबूत होगी व्यवस्था
वेजफेड की इस पहल के जरिए राज्य में सब्जी उत्पादकों को संगठित बाजार से जोड़ने, बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, उपभोक्ताओं को भी ताजी और गुणवत्तापूर्ण सब्जियां उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। अब इस योजना के तहत प्रस्तावित 200 आउटलेट का संचालन और पंचायत से लेकर शहरी बाजार तक सब्जी आपूर्ति की व्यवस्था कितनी प्रभावी बनती है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।











