
काली मंदिर परिसर में उमड़े श्रद्धालु, कथा वाचिका चंचला दीदी ने प्रेम, भक्ति, सेवा और प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
बौंसी/बांका। बौंसी नगर पंचायत के थाना रोड स्थित काली मंदिर प्रांगण में रविवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का अंतिम दिन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। समापन दिवस पर कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा का मिलन रहा। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को मित्रता, प्रेम, समर्पण और निस्वार्थ भक्ति का संदेश दिया। कथा वाचिका निकुंज मंजरी चंचला दीदी ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्तों को आध्यात्मिक जीवन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेम, सेवा, सद्भाव और अच्छे कर्मों में भी दिखाई देती है। कथा के माध्यम से उन्होंने प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी दी।

श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग ने बांधा समां
अंतिम दिन श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा में बताया गया कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत और ऊंच-नीच का कोई स्थान नहीं होता। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा का मिलन प्रेम, विश्वास और निस्वार्थ संबंधों की अनूठी मिसाल है।
युवा समिति ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा समिति काली मंदिर, बाबूडीह बौंसी के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति के अध्यक्ष मिंटू मंडल, उपाध्यक्ष आकाश मंडल, सचिव राजीव मंडल, उप सचिव रंजीत मंडल, कोषाध्यक्ष दिनेश मंडल और उप कोषाध्यक्ष अमित मंडल, प्रदीप झा सहित सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया। समिति के सदस्य सुनील मंडल, राजेश भगत, मनीष, तूफान, माखन, रामू, राजेश, पंकज, गौतम, पवन, रोशन, जय कृष्णा, राजू और बंटी सहित अन्य सदस्यों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। श्रीमद्भागवत कथा के समापन के साथ काली मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा। आयोजकों के सहयोग और श्रद्धालुओं की सहभागिता से धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


BOUNSI NEWS: श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन के









