गिरफ्तार आरोपी का जब्त मोबाइल बना रहस्य, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
खगड़िया। जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां गिरफ्तार हत्यारोपी नीरज कुमार के जब्त किए गए मोबाइल से एक लाख रुपये का UPI ट्रांजेक्शन होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अब इस डिजिटल लेनदेन ने पूरे महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
खगड़िया पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि आरोपी नीरज कुमार को हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया था, लेकिन उसके बावजूद उसके मोबाइल से लाखों रुपये का लेन-देन कैसे हुआ, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
बैंक ने किया ट्रांजेक्शन से इनकार, जांच के बाद पुलिस के दावे की पोल खुली!
8 मार्च को “एक अखबार” में प्रकाशित खबर के बाद पुलिस ने बयान जारी कर इस दावे को गलत बताया। पुलिस ने कहा कि बैंक की जांच में ऐसा कोई ट्रांजेक्शन सामने नहीं आया है और यह खबर भ्रामक है। हालांकि, इस विवाद के बाद पुलिस पर जांच को लेकर दबाव बढ़ गया है।
पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे में!
अब सवाल यह उठता है कि यदि आरोपी का मोबाइल जब्त था, तो UPI ट्रांजेक्शन कैसे हुआ? क्या कोई पुलिसकर्मी इस साजिश में शामिल है, या फिर कोई तकनीकी गड़बड़ी से यह मामला उलझ गया है?
इधर, खगड़िया पुलिस ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए महेशखूंट थाना में पदस्थापित पु.अ.नि. देवेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या यह साइबर क्राइम का मामला है, या पुलिस महकमे में कोई बड़ा खेल चल रहा है?
ब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक बिहार पत्रिका, खगड़िया
Author: दैनिक बिहार पत्रिका
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