
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डीबीटी के माध्यम से राज्य के 1.01 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में भेजी ₹1100 की पेंशन
खगड़िया। बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राज्य के 1,01,32,888 पेंशनधारियों के खातों में अगस्त 2026 की पेंशन राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। इस दौरान खगड़िया जिले के 1,61,251 पेंशनधारियों को भी पेंशन की राशि उनके बैंक खातों में भेजी गई।

जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर, सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग तथा जिले के पेंशन लाभार्थी ऑनलाइन माध्यम से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों, विधवा महिलाओं एवं दिव्यांगजनों के कल्याण के प्रति बिहार सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने सभी पेंशनधारियों को आश्वस्त किया कि बिहार सरकार द्वारा हर महीने की 10 तारीख को विगत माह की पेंशन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। इससे पेंशनधारियों को नियमित रूप से समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
खगड़िया जिले में अगस्त माह की पेंशन राशि से कुल 1,61,251 पेंशनधारी लाभान्वित हुए हैं। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 37,596, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 12,084 तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्तता पेंशन योजना के 1,311 पेंशनधारी शामिल हैं।
इसी तरह मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 87,857, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 10,631 तथा बिहार निशक्त पेंशन योजना के तहत 11,772 पेंशनधारियों को पेंशन की राशि अंतरित की गई। इन सभी योजनाओं के तहत जिले में कुल 18 करोड़ 52 लाख 82 हजार 300 रुपये की राशि का भुगतान किया गया।
जिला प्रशासन ने उन पेंशनधारियों से विशेष अपील की है, जिन्होंने अब तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है। ऐसे पेंशनधारी पेंशन की राशि से वंचित हो सकते हैं। प्रशासन ने लाभार्थियों से कहा है कि वे अपने आधार कार्ड के साथ नजदीकी सीएससी या वसुधा केंद्र पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण कराएं।
यदि किसी कारणवश ऑनलाइन जीवन प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है तो संबंधित क्षेत्र के विकास मित्र से संपर्क कर भौतिक सत्यापन के माध्यम से जीवन प्रमाणीकरण अवश्य कराने की अपील की गई है, ताकि पात्र पेंशनधारियों को पेंशन की राशि मिलने में किसी प्रकार की बाधा न आए।









