
टीबी उन्मूलन, एनीमिया, NCD स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड से लेकर दवा और जांच व्यवस्था तक की हुई विस्तृत समीक्षा; बेलदौर के नए अस्पताल भवन को जल्द पूरा कराने पर जोर

खगड़िया, 17 सितंबर। दैनिक बिहार पत्रिका। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति, खगड़िया की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रगति तथा आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त बिहार अभियान, NCD Screening अभियान, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, OPD एवं Patient Services, मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, दवा एवं सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता, जांच एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं तथा Maternal Death Review सहित विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की गई।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान टीबी स्क्रीनिंग, निक्षय पोर्टल पर नामांकन, जांच, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT), निक्षय मित्र एवं फूड बास्केट वितरण समेत विभिन्न गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को टीबी उन्मूलन से जुड़ी गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण करने तथा स्क्रीनिंग से लेकर जांच, उपचार और आवश्यक सहयोग तक की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया।
इसी तरह एनीमिया मुक्त बिहार अभियान एवं NCD Screening अभियान की प्रखंड एवं स्वास्थ्य संस्थानवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई। कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष कार्ययोजना के तहत काम करने और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया। स्क्रीनिंग के बाद जिन लोगों को आगे जांच या उपचार की आवश्यकता है, उनका समय पर उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
उप विकास आयुक्त श्रेया श्री ने भी विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कम उपलब्धि वाले प्रखंडों एवं स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा केवल कागजी प्रतिवेदन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि क्षेत्र स्तर पर वास्तविक प्रगति का नियमित अनुश्रवण किया जाना जरूरी है। जहां अपेक्षित उपलब्धि नहीं हो रही है, वहां इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने पर उन्होंने जोर दिया।
उप विकास आयुक्त ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने, लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करने तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धियों एवं कमियों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।
समीक्षा बैठक के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बेलदौर के निर्माणाधीन नए भवन का मामला भी प्रमुखता से उठा। इस संबंध में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (BHM), बेलदौर को BMSICL की टीम के साथ संयुक्त रूप से जांच कर अविलंब रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि नए भवन में कौन-कौन से कार्य अभी शेष हैं, ताकि लंबित कार्यों के संबंध में राज्य स्तर पर आवश्यक समन्वय एवं पहल की जा सके और भवन को जल्द पूरा कर स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग में लाया जा सके।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड निर्माण तथा पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही उपचार सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, मानव संसाधन और आधारभूत संरचना के अनुरूप अधिक से अधिक पात्र मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा अस्पतालों में OPD सेवाओं, जांच एवं डायग्नोस्टिक सुविधाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, परिवार नियोजन तथा आवश्यक दवाओं एवं सर्जिकल सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं, जांच और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। किसी भी स्तर पर स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सभी स्वास्थ्य सेवाओं एवं संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नियमित अनुश्रवण, विभागीय एवं अंतर-विभागीय समन्वय, क्षेत्र स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन तथा लंबित कार्यों के त्वरित निष्पादन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रेया श्री, सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार, जिला लेखा प्रबंधक रंजीत कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति की टीम, संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, स्टोर कीपर एवं डेवलपमेंट पार्टनर्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






