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BHAGALPUR NEWS: शराब के नशे में वाहन चलाने के आरोप में सहायक विद्युत अभियंता और लिपिक गिरफ्तार

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Written by
Kumar Chandan (Dist Beuro)

भागलपुर। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बीच कजरैली थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब के नशे में वाहन चलाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में अमरपुर के सहायक विद्युत अभियंता अरविंद कुमार और उनके साथ वाहन में सवार पत्राचार लिपिक राजवीर कुमार शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार पहिया वाहन को भी जब्त कर लिया है। बताया गया कि कजरैली थाना क्षेत्र में पुलिस टीम वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन पर पड़ी। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन चालक ने कथित तौर पर गाड़ी नहीं रोकी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए वाहन की घेराबंदी की और उसे रोक लिया। वाहन रुकने के बाद पुलिस ने उसमें सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान दोनों के मुंह से शराब की गंध महसूस हुई। इसके बाद दोनों को कजरैली थाना लाया गया, जहां ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। जांच में शराब सेवन की पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार, वाहन सहायक विद्युत अभियंता अरविंद कुमार स्वयं चला रहे थे, जबकि उनके साथ पत्राचार लिपिक राजवीर कुमार मौजूद थे। इसके बाद पुलिस ने वाहन को जब्त करते हुए दोनों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई के बाद मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पकड़े गए दोनों व्यक्ति बिजली विभाग से जुड़े बताए जा रहे हैं। शराबबंदी वाले राज्य में सरकारी सेवा से जुड़े व्यक्तियों पर शराब सेवन कर वाहन चलाने का आरोप सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस कार्रवाई के बाद विभागीय कदम पर नजर

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मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के बाद बिजली विभाग की ओर से दोनों के विरुद्ध किसी विभागीय कार्रवाई की सूचना सामने नहीं आई है। इसी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही और विभागीय अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, विभागीय कार्रवाई का निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमों और मामले के तथ्यों के आधार पर लिया जाना है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और दर्ज प्राथमिकी के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। कुल मिलाकर, कजरैली में हुई यह कार्रवाई शराबबंदी कानून के पालन और सरकारी कर्मियों की जिम्मेदारी दोनों को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि पुलिस की कानूनी कार्रवाई के साथ बिजली विभाग इस मामले में क्या विभागीय कदम उठाता है।

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