
अभिषेक अग्रवाल, दैनिक बिहार पत्रिका, भागलपुर। अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार, कहलगांव के तत्वावधान में बुधवार को इंटर स्तरीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, सनोखर हाट के प्रांगण में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ‘जागृति योजना’ के तहत आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ स्थानीय ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का संचालन अवर न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष अखिलेश कुमार तथा मुंसिफ सह सचिव विकास गौरव के निर्देशन में किया गया। शिविर में वक्ताओं ने कानून की बुनियादी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानून की जानकारी होने से लोग अपने अधिकारों को समझने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर उचित कानूनी सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं।
शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से शिक्षा के अधिकार के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही बाल विवाह निषेध कानून और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने बच्चों और ग्रामीणों से कानून का पालन करने तथा अपने आसपास के लोगों को भी कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों ने विधिक अधिकारों से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त की। वक्ताओं ने कहा कि कानूनी जागरूकता केवल विवाद या समस्या उत्पन्न होने के बाद ही जरूरी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी पहले से होनी चाहिए। इससे समाज में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को न्याय व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलती है।
शिविर में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को कानून एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।






