
विकसित ग्राम पंचायत योजना को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण, पांच वर्षों की योजनाओं के चयन और प्राथमिकता निर्धारण पर जोर
बांका:- पंचायतों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने की दिशा में बांका जिला प्रशासन ने विकसित ग्राम पंचायत योजना को लेकर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है। शनिवार को जिला परिषद बांका के सभा भवन में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों को योजना निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त बांका उपेंद्र सिंह ने की। इसमें प्रखंड स्तर के कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता, लेखपाल, ऑपरेटर सहित अन्य संबंधित कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल अधिकारियों को जानकारी देना नहीं, बल्कि इस पूरी प्रक्रिया को प्रखंड से पंचायत स्तर तक पहुंचाना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कर्मी आगे प्रखंड एवं पंचायत स्तर के कर्मियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया समझाएंगे। प्रखंड स्तर पर यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 29 और 30 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
पांच साल की योजनाओं का बनेगा रोडमैप
विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत पंचायत स्तर पर आने वाले पांच वर्षों के लिए विकास योजनाओं का चयन किया जाएगा। इसके बाद जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का क्रम तय किया जाएगा। संबंधित योजनाओं को ग्राम सभा में प्रस्तुत कर पारित कराया जाएगा और फिर निर्धारित वित्तीय वर्ष में उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशिक्षण में वीबी-जी राम जी के चार प्रमुख अवयवों पर विशेष जोर दिया गया। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संबंधी कार्य और आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्य शामिल हैं।
2 अक्टूबर से शुरू होगी योजना निर्माण की समय-सीमा
प्रशासन के अनुसार विकसित ग्राम पंचायत योजना के निर्माण की प्रक्रिया की निर्धारित समय-सीमा 2 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक रहेगी। इसी अवधि में ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण और योजना निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इस पहल का उद्देश्य पंचायतों में रोजगार सृजन, आजीविका के अवसरों को बढ़ावा, स्थानीय परिसंपत्तियों का निर्माण तथा समाज के अंतिम पायदान तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम के निदेशक सतीश कुमार के अलावा मास्टर ट्रेनर के रूप में सहायक अभियंता नीरज कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद अनवर कलीम और रामानुज कुमार उपस्थित रहे। कुल मिलाकर, विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से पंचायत स्तर पर अगले पांच वर्षों के विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने और उन्हें ग्राम सभा के माध्यम से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।









