
रिपोर्ट:- उमाकांत पोद्दार।
चांदन/बांका:- प्रखंड अंतर्गत आनंदपुर थाना क्षेत्र के तीतूकुरा गांव को केंदुवर मार्ग से जोड़ने वाली करीब एक किलोमीटर लंबी मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के महज छह माह के भीतर ही सड़क की स्थिति खराब होने लगी है और जगह-जगह पीचिंग उखड़ने लगी है।ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। आरोप है कि संवेदक द्वारा पर्याप्त सामग्री एवं गुणवत्तापूर्ण पीचिंग के बजाय महज मौरंग-मिट्टी डालकर आनन-फानन में सड़क निर्माण की खानापूर्ति की गई। ग्रामीणों का कहना है कि हाल में हुई बारिश ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। शनिवार को करीब 5000 ईंट लदे 10 चक्का ट्रक के गुजरने के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक भारी वाहन के दबाव से सड़क की ऊपरी परत उखड़कर बिखर गई। इससे आने वाले समय में सड़क के पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होने की आशंका जताई जा रही है।ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले गांव तक पहुंचने के लिए कच्ची सड़क थी, जिस पर आवागमन में काफी परेशानी होती थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ का निर्माण शुरू होने के बाद लोगों में बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों में इसकी हालत खराब होने से ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश है।ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सड़क निर्माण में गुणवत्ता का सवाल उठ रहा है, वहीं दूसरी ओर भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में यदि समय रहते सड़क की जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के लिए यह सड़क फिर से परेशानी का कारण बन सकती है। इस मामले में संवेदक भोला यादव से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस जवाब देने के बजाय,पुन: मरम्मत कराने का अश्वासन दिया।अब सवाल यह उठ रहा है कि महज छह माह में सड़क की पीचिंग उखड़ने के मामले में संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कब कराएगी. और यदि निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी?


CHANDAN NEWS: छह माह में







