
एसडीआरएफ की मोटरबोट से दक्षिणी-उत्तरी बहरबा, मझवारी और चेराखेरा पहुंचे जिलाधिकारी, राहत एवं बचाव की तैयारियों का लिया जायजा
दैनिक बिहार पत्रिका। खगड़िया। बागमती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने मंगलवार को अलौली प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ की संभावित स्थिति, राहत एवं बचाव की तैयारियों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बहरबा घाट से एसडीआरएफ की मोटरबोट के माध्यम से दक्षिणी बहरबा, उत्तरी बहरबा, मझवारी एवं चेराखेरा क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बागमती नदी के जलस्तर, जल प्रवाह और संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को देखा तथा मौके पर मौजूद संबंधित पदाधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बागमती नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

जिलाधिकारी ने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ की नावों सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। राहत शिविरों के लिए भी सभी तैयारियां पूरी रखने तथा वहां पेयजल, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का आकलन करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा दल की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिलाधिकारी ने स्थानीय पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर आम लोगों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनकी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।
जिला प्रशासन द्वारा बागमती नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव से संबंधित सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।






