
DIET में आयोजित प्रशिक्षण में विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र एवं जीविका समूहों के बीच बेहतर समन्वय पर हुई चर्चा
दैनिक बिहार पत्रिका। खगड़िया। जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देशानुसार बुधवार को DIET प्रशिक्षण संस्थान, खगड़िया में स्नेह समिति कार्यक्रम का शुभारंभ एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ DIET के प्राचार्य ने किया। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक एवं जिला परियोजना प्रबंधक, शिक्षा विभाग के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला संसाधन व्यक्ति (DRP), प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर (BLMT) सहित प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन एवं मंत्रा फॉर चेंज के मास्टर ट्रेनर शामिल हुए।

प्रशिक्षण के दौरान माता स्नेह समिति, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र एवं जीविका समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों की शिक्षा एवं सीखने के स्तर में सुधार लाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। समुदाय की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से बच्चों की शिक्षा को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से विभिन्न गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के तहत प्रत्येक समूह में लगभग 5 से 8 माताओं का शैक्षिक समूह गठित करने की योजना है। माताओं का समूह प्रत्येक सप्ताह बच्चों की शिक्षा एवं सीखने की प्रगति को लेकर बैठक एवं चर्चा करेगा। वहीं, प्रत्येक माह विद्यालय स्तर पर अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित की जाएगी। शिक्षा चौपाल के माध्यम से समुदाय एवं अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

जीविका के स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से बाल मेला सहित विभिन्न गतिविधियों के आयोजन की भी योजना है। इसके साथ ही विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र एवं जीविका समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) तथा Teaching at the Right Level (TaRL) के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की टीम के साथ जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्नेह समिति कार्यक्रम एवं बच्चों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक फीडबैक, सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में माता स्नेह समिति, FLN एवं TaRL के लिए बेहतर टीम एवं कार्य-तंत्र विकसित करने, आंगनबाड़ी, प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के बच्चों की शिक्षा में माताओं एवं समुदाय की भूमिका बढ़ाने तथा कार्यक्रम की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं अनुश्रवण व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई।

ऐसे टोला एवं माताओं की पहचान करने पर भी जोर दिया गया, जहां बच्चों की शिक्षा की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। ऐसे बच्चों एवं परिवारों को स्नेह समिति कार्यक्रम से जोड़कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनरों को अपने-अपने क्षेत्र में अभ्यास कक्षा, शिक्षा चौपाल एवं स्नेह समिति की गतिविधियों को सक्रिय रूप से संचालित करने तथा उनकी प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया।
स्नेह समिति कार्यक्रम के माध्यम से माता, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र एवं जीविका समूहों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों की शिक्षा में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके माध्यम से FLN एवं TaRL के उद्देश्यों की प्राप्ति तथा बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने की पहल की गई है।






