
बैंक स्टेटमेंट में दिखे संदिग्ध लेन-देन से खुलासा, पीड़ित ने जांच और रकम वापस दिलाने की लगाई गुहार
बौंसी/बांका:- डिजिटल लेन-देन की सुविधा के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी की आशंका से जुड़ा एक मामला बौंसी में सामने आया है। मनरेगा कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत वासुदेव कुमार ने अपने फोन-पे से दो बार में कुल 51,300 रुपये की निकासी होने की शिकायत की है। पीड़ित के अनुसार, इन लेन-देन की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। मामले को लेकर उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जांच और राशि वापस दिलाने की मांग की है। वासुदेव कुमार ने बताया कि जब उन्होंने अपना बैंक स्टेटमेंट चेक किया, तो उसमें दो ऐसे लेन-देन दिखाई दिए, जिनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। दोनों लेन-देन की कुल राशि 51,300 रुपये थी। स्टेटमेंट में इन प्रविष्टियों को देखने के बाद उन्हें अपने खाते से संबंधित संदिग्ध गतिविधि का पता चला।
संदिग्ध लेन-देन के बाद साइबर पोर्टल पर शिकायत
मामले की जानकारी मिलने के बाद वासुदेव कुमार ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक, शिकायत के साथ फोन-पे से जुड़े उपलब्ध साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं, ताकि संबंधित एजेंसियां लेन-देन की जांच कर सकें। पीड़ित ने मांग की है कि दोनों संदिग्ध लेन-देन की जांच कर यह पता लगाया जाए कि राशि किन खातों या माध्यमों के जरिए आगे गई। साथ ही, यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसकी पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उनकी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला पीड़ित की शिकायत पर आधारित है। रकम किस परिस्थिति में निकली, लेन-देन किस माध्यम से अधिकृत हुए और इसके पीछे किसी तरह की धोखाधड़ी हुई या नहीं—इन सवालों का स्पष्ट जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। अभी किसी व्यक्ति की संलिप्तता या धोखाधड़ी के तरीके की पुष्टि नहीं हुई है। डिजिटल भुगतान से जुड़े मामलों में बैंक स्टेटमेंट, लेन-देन का विवरण और शिकायत से संबंधित साक्ष्य जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत संबंधित बैंक और भुगतान सेवा प्रदाता को सूचित करना तथा आधिकारिक साइबर अपराध माध्यमों पर शिकायत दर्ज कराना उपयोगी कदम है।
डिजिटल लेन-देन में सतर्कता जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित किया है। किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल या भुगतान अनुरोध पर सावधानी बरतना चाहिए। यदि खाते में अनधिकृत लेन-देन दिखाई दे, तो बिना देरी बैंक को सूचित कर शिकायत संख्या और संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए। अब पीड़ित को जांच के निष्कर्ष और अपनी राशि की वापसी का इंतजार है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित एजेंसियों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।






