
बांका। नशामुक्त परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश लेकर गुरुवार को बांका जिले के रजौन और शंभूगंज प्रखंड में जीविका के तत्वावधान में मद्य निषेध जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से आम लोगों को शराब के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया और समाज को नशे से दूर रखने की अपील की गई। इस अभियान में जीविका से जुड़ी महिलाओं और सामुदायिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने लोगों को समझाया कि शराब का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और सामाजिक वातावरण पर भी पड़ सकता है।
जन-जन तक पहुंचाया नशामुक्ति का संदेश
रजौन और शंभूगंज में आयोजित रैलियों का मुख्य उद्देश्य मद्य निषेध के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना था। जीविका दीदियों ने लोगों को शराब से दूर रहने और अपने परिवार के सदस्यों को भी नशे से बचाने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान यह संदेश दिया गया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को नशे के सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
महिलाओं की भागीदारी से मजबूत हुआ अभियान
इस जागरूकता कार्यक्रम में जीविका दीदियों की सहभागिता ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी सामने रखा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ग्रामीण समाज में जागरूकता फैलाने और परिवारों को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। प्रतिभागियों ने लोगों से अपील की कि वे नशे से दूरी बनाएं, बच्चों और युवाओं को जागरूक करें तथा अपने आसपास ऐसा वातावरण तैयार करें, जहां परिवार की खुशहाली और सामाजिक विकास को प्राथमिकता मिले।
‘नशामुक्त परिवार ही सुखी परिवार’
रैली के दौरान जीविका दीदियों ने संदेश दिया, “नशामुक्त परिवार ही सुखी परिवार है और नशामुक्त समाज ही विकसित समाज की पहचान है।” इस संदेश के जरिए लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि नशे से दूर रहना व्यक्तिगत निर्णय के साथ-साथ परिवार और समाज के हित से भी जुड़ा है। जीविका के तत्वावधान में आयोजित यह पहल बिहार को नशामुक्त बनाने के अभियान को मजबूती देने और लोगों के बीच सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से की गई। रजौन और शंभूगंज में निकाली गई जागरूकता रैली के माध्यम से आम नागरिकों से अपील की गई कि वे मद्य निषेध के संदेश को अपने परिवार और समुदाय तक पहुंचाएं तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।









