
परिजनों ने सिविल सर्जन को सौंपा आवेदन, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
बांका। बांका सदर अस्पताल में एक वृद्ध की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का आक्रोश देखने को मिला। इलाज के दौरान हुई मौत से नाराज परिजनों ने कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। उन्होंने मामले में तीन डॉक्टरों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार को लिखित आवेदन भी सौंपा है।
बौंसी रेफरल अस्पताल से सदर अस्पताल किया गया था रेफर
मृतक की पहचान बौंसी प्रखंड के पंडा टोला निवासी मनोहर मंडल के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार देर शाम उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें बौंसी रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मनोहर मंडल की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार के सदस्यों में नाराजगी फैल गई। उन्होंने इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संबंधित चिकित्सकों की भूमिका की जांच की मांग की।

तीन डॉक्टरों की भूमिका की जांच की मांग
परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज में लापरवाही हुई है। उन्होंने सिविल सर्जन को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों ने न्याय मिलने तक पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात भी कही। उनका कहना है कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी मौत की वजह
वृद्ध की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मनोहर मंडल की मौत का वास्तविक कारण क्या था और क्या इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई, इसका निष्कर्ष जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा। अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। सिविल सर्जन को दिए गए आवेदन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत की जांच किस तरह की जाती है और संबंधित डॉक्टरों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, परिजन मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में पारदर्शी जांच ही मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकेगी।









